क्यों करते हैं भगवान की आरती? – Bhagvan ki arti 2016-05-15Ritu Bhagvan ki arti kyon karte hain? आरती का अर्थ होता है – व्याकुल होकर भगवान को याद करना, उनका स्तवन करना। आरती, पूजा [...]
क्यों राहुकाल में कोई भी शुभ काम नहीं करते? 2016-05-142016-05-14Ritu Rahukal mein shubh kam kyon nahin karna chahiye? ऐसा माना जाता है कि शुभ समय में किया गया कार्य सफल व शुभ होता [...]
पानी केरा बुदबुदा, अस मानस की जात – Kabir Ke Dohe 2016-05-082019-09-30आमिर Sant Kabir ke dohe in hindi with meaning पानी केरा बुदबुदा, अस मानस की जात। देखत ही छिप जायेगा, ज्यों सारा परभात।। Advertisement [...]
निज सुख आतम राम है, दूजा दुख अपार – Kabir Ke Dohe 2016-05-082019-09-30आमिर Kabir ke dohe songs निज सुख आतम राम है, दूजा दुख अपार। मनसा वाचा करमना, कबीर सुमिरन सार।। Advertisement Neej sukh aatam ram [...]
तू तू करता तू भया, मुझमें रही न हूं – Kabir Ke Dohe 2016-05-082019-09-30आमिर Kabir ke dohe तू तू करता तू भया, मुझमें रही न हूं। बारी तेरे नाम पर, जित देखूं तित तूं।। Advertisement Tu tu [...]
पत्ता बोला वृक्ष से, सुनो वृक्ष बनराय – Kabir Ke Dohe 2016-05-082019-09-30आमिर Kabir ke dohe in hindi with meaning in hindi पत्ता बोला वृक्ष से, सुनो वृक्ष बनराय। अब के बिछुड़े ना मिले, दूर पड़ेंगे [...]
साँई इतना दीजिए, जामे कुटुम समाय – Kabir Ke Dohe 2016-05-082019-09-30आमिर Kabir ke dohe in hindi with meaning साँई इतना दीजिए, जामे कुटुम समाय। मैं भी भूखा ना रहूँ, साधु न भूखा जाय।। Advertisement [...]
जो तोकूँ कॉटा बुवै, ताहि बोय तू फूल – Kabir Ke Dohe 2016-05-082019-09-30आमिर Kabir ke dohe in English जो तोकूँ कॉटा बुवै, ताहि बोय तू फूल। तोकूँ फूल के फूल हैं, बाकूँ है तिरशूल ।। Advertisement [...]
माया मरी न मन मरा, मर मर गये शरीर – Kabir Ke Dohe 2016-05-082019-09-30आमिर Kabir dohe with meaning माया मरी न मन मरा, मर मर गये शरीर। आषा तृष्णा ना मरी, कह गये दास कबीर।। Advertisement Maya [...]
जब मैं था तब गुरू नहीं, अब गुरू हैं मैं नाहिं – Kabir Ke Dohe 2016-05-072019-09-30आमिर Kabir ke dohe in Hindi (kabir ke dohe arth sahit) जब मैं था तब गुरू नहीं, अब गुरू हैं मैं नाहिं। प्रेम गली [...]