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आखिर ऐसा क्या हुआ कि नौ साल की बच्ची के सवाल पर, ‘डाबर’ कंपनी को लेना पड़ा इतना बड़ा फैसला!

कहते हैं बच्चे मन के सच्चे होते हैं. जब इंसान बचपन के दौर में होता है तो उसके मन में किसी तरह का द्वेष और किसी को लेकर बुरी सोच नहीं होती हैं. साथ ही बच्चों में किसी भी चीज के बारे में जानने कि एक अलग सी लालसा होती है. किसी भी चीज को लेकर बच्चे निष्पक्ष विचार रखते हैं.

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ऐसा ही एक मामला गुवाहाटी से सामने आया है. यहाँ एक नौ साल के बच्ची के सवाल पर एक बड़ी कंपनी अपने ब्रांड के लेबल को बदलने के लिए तैयार हो गई है. दरअसल गुवाहाटी में रहने वाली एक नौ साल की बच्ची ने ये कह कर जूस पीने से मना कर दिया कि ये सिर्फ लड़कों के लिए है और ऐसा उसने इसलिए कहा क्योंकि जूस के पैकेट पर एक लड़के की तस्वीर बनी हुई थी. बच्ची ने अपने पिता को जूस के पैकेट पर बने बच्चे की तस्वीर को दिखातो हुवे कहा कि इसमें स्कूल यूनिफार्म पहने हुए एक लड़के कि तस्वीर क्यों लगी है. बच्ची के इस सवाल से उसके पिता स्तब्ध रह गए क्योंकि उनके पास कोई जवाब नहीं था.

बच्ची ने ये सवाल रियल जूस के पैकेट को लेकर पूछा था. बता दें कि रियल जूस के लेबल में एक स्कूल ड्रेस में लड़के की तस्वीर लगी हुई है. साथ ही लेबल पर लिखा है “जो चीज़ आपके बच्चे के लिए अच्छी है, तो तय है कि वह उसके चेहरे पर मुस्कुराहट भी लेकर आएगी.”

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बच्ची के इस सवाल पर उसके पिता मृयंका मजुमदार ने एक जिम्मेदार कदम उठाते हुए कंपनी को मेल के जरिये शिकायत की. लेकिन इसपर कंपनी का कोई जवाब नहीं आया. इसके बाद मृयंका ने मेनका गाँधी जो कि महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं को चिट्ठी लिख कर शिकायत की. जिसके बाद कंपनी को जवाब देना पड़ा. कंपनी ने जवाब में लिखा है कि ‘हम यह आश्वासन देना चाहते हैं कि पैक पर लिखा ‘him’ शब्द किसी लिंग विशेष के लिए नहीं था और सामान्य तौर पर इसे किसी लिंग विशेष नहीं बल्कि बच्चों की बात करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.’ बयान में कहा गया है कि ‘श्रीमान मजूमदार ने जो मुद्दा उठाया है, उसके संदर्भ में हम यह भी कहना चाहते हैं कि रियल फ्रूट पावर के पैक में एक खुशहाल परिवार की भी तस्वीर है जिसमें चार सदस्य है और इनमें से एक छोटी बच्ची भी है.’ कंपनी ने ये भी कहा है कि हम इस सन्दर्भ बदलाव लाने की प्रयास करेंगे.

दूसरी ओर कंपनी के इस दावे को मृयंका ने झुठला दिया है. वो कहते हैं कि डाबर कंपनी के रियल जूस ब्रांड को हमारी बेटियों को सम्मान देना चाहिए. जिस तरह से डाबर कह रही है कि पैक पर एक बछि कि तस्वीर है वो सरासर गलत बात है. रियल जूस के 200 एमएल पैक पर सिर्फ एक लड़के की ही तस्वीर है. हालाँकि उन्हें ख़ुशी है कि कंपनी ने बदलाव करने का फैसला लिया है. वहीं मेनका गांधी ने भी कहा है कि उन्होंने इस मामले पर कंपनी से बात की है ताकि आगे के लिए एक उदाहरण पेश किया जा सके. वैसे आपको बता दें कि जो बड़ा एक लीटर का पैक है उसमें बच्ची की तस्वीर भी है.

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वहीं कंपनी के दावे को झुठलाते हुए मजूमदार कहते हैं, ‘डाबर कंपनी के रियल जूस ब्रांड को हमारी बेटियों को सम्मान देने की जरूरत है। डाबर का यह कहना कि पैक पर एक बच्ची की भी तस्वीर है, सरासर गलत है और बहकाने वाली है। । हालांकि, ।’ मजूमदार ने कहा कि वह खुश हैं कि कंपनी ने बदलाव करने का फैसला लिया है। ।

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