
आचार्य चाणक्य ने कहा है कि अगर करेंगे यह काम तो एक दिन भी नहीं रुकेगी लक्ष्मी आपके घर !
अन्यायोपार्जितं वित्तं दशवर्षाणि तिष्ठति । प्राप्ते चैकादशे वर्षे समूलं तद् विनश्यति॥ लक्ष्मी वैसे ही चंचल होती है परन्तु चोरी, जुआ, अन्याय और धोखा [...]
हिन्दी साहित्य









