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मृत्यु के बाद कौन होता है मनुष्य का मित्र – जानिये चाणक्य ने क्या कहा है?

त्यजेद्धर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत्। त्यजेत्क्रोधमुखी भार्या निःस्नेहान्बान्धवांस्यजेत्॥ धर्म में यदि दया न हो तो उसे त्याग देना चाहिए । विद्याहीन गुरु को, [...]

चाणक्य नीति – त्याग पर चाणक्य के अनमोल विचार Chanakya’s Quote on Giving in Hindi

  उपार्जितानां वित्तानां त्याग एव हि रक्षणम्। तडागोदरसंस्थानां परिदाह इदाम्मससाम्॥ तालाब के जल को स्वच्छ रखने के लिए उसका बहते रहना आवश्यक है [...]

भय का सामना कैसे करें- जानिए चाणक्य से

तावद् भयेषु भेतव्यं यावद्भयमनागतम्। आगतं तु भयं दृष्टवा प्रहर्तव्यमशङ्कया॥ आपत्तियों और संकटों से तभी तक डरना चाहिए जब तक वे दूर हैं, परन्तु [...]

वन वृक्षों से हमें क्या सीख मिलती है, जानिए चाणक्य की नीतियां

अनवस्थितकायस्य न जने न वने सुखम्। जनो दहति संसर्गाद् वनं सगविवर्जनात॥ जिसका चित्त स्थिर नहीं होता, उस व्यक्ति को न तो लोगों के [...]

चाणक्य के इस सूत्र को अपना कर आप अपने किसी भी शत्रु को पराजित कर सकते हैं !

Chanakya Neeti – Shatru (Shatruta) par Chanakya ke anmol vichar Advertisement बहूनां चैव सत्तवानां रिपुञ्जयः । वर्षान्धाराधरो मेधस्तृणैरपि निवार्यते॥ शत्रु चाहे कितना बलवान [...]

चाणक्य के अनुसार सुयोग्य पुत्र की पहचान कुछ ऐसे करें

एकेनापि सुवर्ण पुष्पितेन सुगन्धिता। वसितं तद्वनं सर्वं सुपुत्रेण कुलं यथा॥ जिस प्रकार वन में सुन्दर खिले हुए फूलोंवाला एक ही वृक्ष अपनी सुगन्ध [...]

माँ से जुड़े ये अनोखे राज जो चाणक्य ने हम सभी को बताये

राजपत्नी गुरोः पत्नी मित्रपत्नी तथैव च। पत्नीमाता स्वमाता च पञ्चैताः मातर स्मृताः॥ राजा की पत्नी, गुरु की पत्नी, मित्र की पत्नी, पत्नी की [...]

शिक्षकों के लिए चाणक्य के ये उपदेश जो उन्हें एक अच्छा शिष्य पहचानने में मददगार होंगे

मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च। दुःखितैः सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति॥ मूर्ख शिष्य को पढ़ाने पर , दुष्ट स्त्री के साथ जीवन बिताने पर तथा दुःखियों- रोगियों के [...]
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