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भगवान के सामने दीपक क्यों प्रज्वलित किया जाता है? – Bhagvan ke samne Deepak kyon jalate hain?

Bhagvan ke samne Deepak kyon jalate hain?

हर हिन्दू के घर में भगवान के सामने दीपक प्रज्वलित किया जाता है। हर घर में सुबह या शाम को या फिर दोनों समय दीपक प्रज्वलित किया जाता है। कई जगह तो अविरल या अखंड ज्योत भी जलती है। किसी भी पूजा में दीपक पूजा शुरू होने के पूर्ण होने तक दीपक को प्रज्वलित करके रखते हैं।

Bhagvan ke samne Deepak kyon jalate hain?प्रकाश ज्ञान का द्योतक है, अंधेरा अज्ञान का। प्रभु ज्ञान के सागर और सोत्र है इसीलिए दीपक प्रज्वलित कर प्रभु की आराधना की जाती है। ज्ञान अज्ञान का नाश करता है और उजाला अंधेरे का।

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ज्ञान वो आंतरिक उजाला है जिससे बाहरी अंधेरे पर विजय प्राप्त की जा सकती है। अत दीपक प्रज्वलित कर हम ज्ञान के उस सागर के सामने नतमस्तक होते हैं। कुछ तार्किक लोग प्रश्न कर सकते हैं कि प्रकाश तो बिजली से भी हो सकता है फिर दीपक की क्या आवश्यकता? तो भाई ऐसा है कि दीपक का एक महत्व ये भी है कि दीपक के अंदर जो घी या तेल होता है वो हमारी वासनाएं, हमारे अहंकार का प्रतीक है और दीपक की लौ द्वारा हम अपने वासनाओं और अहंकार को जलाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं ।

दूसरी महत्वपूर्ण बात ये है कि दीपक की लौ हमेशा ऊपर की तरफ उठती है जो ये दर्शाती है कि हमें अपने जीवन को ज्ञान के द्वारा उच्च आदर्षों की और बढ़ाना चाहिए। अंत में आइये दीप देव को नमस्कार करें
शुभम् करोति कल्याणम् आरोग्यम् धन सम्पदा,
शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योति नमस्तुते।।

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सुन्दर और कल्याणकारी, आरोग्य और संपदा को देने वाले है दीप, शत्रु की बुद्धि के विनाश के लिए हम तुम्हें नमस्कार करते हैं।

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