अपठित गद्यांश – डाक्टर कलाम – एक महान वैज्ञानिक 2020-03-282020-03-28RituV Comment Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage डॉ. कलाम दृढ़ इच्छाशक्ति वाले वैज्ञानिक थे। वे भारत को विकसित देश बनाने का सपना [...]
अपठित गद्यांश – परोपकार ही सच्ची मानवता है 2020-03-282020-03-28RituV 2 Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage स्वार्थ और परमार्थ मानव की दो प्रवृत्तियां हैं| हम अधिकतर कार्य अपने लिए करते हैं [...]
अपठित गद्यांश – संघर्ष ही जीवन है 2020-03-282020-03-28RituV 1 Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage मनुष्य का जीवन बहुत सघर्षमय होता है. उसे पग-पग पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता [...]
अपठित गद्यांश – अनुशासन और स्वतंत्रता 2020-03-282020-03-28RituV Comment Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage कई लोग समझते हैं की अनुशासन और स्वतंत्रता में विरोध है, किन्तु वास्तव में यह [...]
अपठित गद्यांश – मनुष्य भगवान की श्रेष्ठ रचना 2020-03-282020-03-28RituV Comment Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage मानव का अकारण ही मानव के प्रति अनुदार हो उठना न केवल मानवता के लिए [...]
अपठित गद्यांश – मानवता सबसे बड़ा धर्म 2020-03-282020-03-28RituV Comment Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage धर्म एक व्यापक शब्द है। मजहब, मत, पंथ, या संप्रदाय सीमित रूप हैं । संसार [...]
अपठित गद्यांश – स्वस्थ मानसिकता 2020-03-282020-03-28RituV Comment Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। इसके लिए मनुष्य को मानसिक रूप [...]
अपठित गद्यांश – स्त्री घर की स्वामिनी 2020-03-282020-03-28RituV Comment Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage महिलाओं की महती भूमिका के बारे में गाँधी जी ने कहा था – “ स्त्रियों [...]
अपठित गद्यांश – भाषा संगम – भारत के नए तीर्थ Apathit Gadyansh in hindi for class 12 with answers 2020-03-282020-09-09RituV Comment Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage जहाँ भी दो नदियाँ आकर मिल जाती है, उस स्थान को अपने देश में तीर्थ’ [...]
अपठित गद्यांश – जाति प्रथा एक सामाजिक बुराई (Apathit Gadyansh in hindi for class 10 with answers) 2020-03-282020-09-09RituV 1 Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage जाति-प्रथा को यदि श्रम-विभाजन मान लिया जाए, तो यह स्वाभाविक विभाजन नहीं है, क्योंकि यह [...]