यहां मेरे जैसे लोग हैं जिनका जन्म आज़ादी के बाद हुआ. यह सही है कि मैंने देश के लिए ज़िंदगी कुर्बान नहीं की, लेकिन आज इसकी ज़रूरत नहीं है. हम देश के लिए ज़िंदा हैं और हमलोग उसे नई ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.

यहां मेरे जैसे लोग हैं जिनका जन्म आज़ादी के बाद हुआ. यह सही है कि मैंने देश के लिए ज़िंदगी कुर्बान नहीं की, लेकिन आज इसकी ज़रूरत नहीं है. हम देश के लिए ज़िंदा हैं और हमलोग उसे नई ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.

आप सर्जिकल स्ट्राइक से परेशान हैं. दूसरों के अच्छे काम आप सह नहीं पाते. कभी-कभार देश के बारे में भी सोच लिया करें.

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नोटबंदी के दौरान एक तरफ देश को लूटने वाले थे और दूसरी तरफ सिस्टम को साफ करने की कोशिश करने वाले लोग

नोटबंदी के दौरान एक तरफ देश को लूटने वाले थे और दूसरी तरफ सिस्टम को साफ करने की कोशिश करने वाले लोग

मेरी लड़ाई ग़रीबों के लिए है और उन्हें हक़ दिलाने के लिए है. यह लड़ाई जारी रहेगी. कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप कितने बड़े हैं.

मेरी लड़ाई ग़रीबों के लिए है और उन्हें हक़ दिलाने के लिए है. यह लड़ाई जारी रहेगी. कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप कितने बड़े हैं.

यदि आपका शरीर स्वस्थ्य रहता है तभी ऑपरेशन किया जाता है. अर्थव्यवस्था ठीक थी इसीलिए नोटबंदी का फ़ैसला लिया गया. यह बिल्कुल सही वक़्त था.

यदि आपका शरीर स्वस्थ्य रहता है तभी ऑपरेशन किया जाता है. अर्थव्यवस्था ठीक थी इसीलिए नोटबंदी का फ़ैसला लिया गया. यह बिल्कुल सही वक़्त था.

इससे पहले लोग पूछते थे कि भ्रष्टाचार में कितने पैसे गए. अब लोग पूछ रहे हैं कि कितने पैसे वापस आए. जब से हमने ऑफिस संभाला तब से लोगों के बीच बहस ऐसे बदल गई है.

इससे पहले लोग पूछते थे कि भ्रष्टाचार में कितने पैसे गए. अब लोग पूछ रहे हैं कि कितने पैसे वापस आए. जब से हमने ऑफिस संभाला तब से लोगों के बीच बहस ऐसे बदल गई है.

‘हर युग में इतिहास को जानने का और इतिहास को जीने का प्रयास आवश्यक होता है. उस समय हम थे या नहीं थे, हमारे कुत्ते थे भी या नहीं थे, औरों के कुत्ते हो सकते हैं. हम कुत्तों वाली परंपरा से पले-बढ़े नहीं हैं.”

‘हर युग में इतिहास को जानने का और इतिहास को जीने का प्रयास आवश्यक होता है. उस समय हम थे या नहीं थे, हमारे कुत्ते थे भी या नहीं थे, औरों के कुत्ते हो सकते हैं. हम कुत्तों वाली परंपरा से पले-बढ़े नहीं हैं.’