Short Hindi Essay on Bharat Ki Rajdhani Delhi भारत की राजधानी दिल्ली पर लघु निबंध

Short Essay on Bharat Ki Rajdhani Delhi

Bharat Ki Rajdhani Delhi par laghu nibandh

प्रस्तावना- भारत की राजधानी है दिल्ली। यह भारत का दिल है। इसकी धड़कन से भारत की दशा का पता चल जाता है। वैसे भी दिल्ली ऐतिहासिक नगर है। यह कई बार उजड़ी और कई बार बसी। पर इसका रूप और रंग लगातार निखरता गया है। इसने अपने कई नाम भी बदले। कभी यह हस्तिनापुर कहलाई तो कभी इन्द्रप्रस्थ, पर इसके महत्व में कभी कमी नहीं आई।Short Essay on Bharat Ki Rajdhani Delhi

ऐतिहासिक नगर- दिल्ली एक ऐतिहासिक नगर है। यहाँ का लाल किला, जामा मस्जिद, कुतुब मीनार, जन्तर मन्तर, हुमायूँ का मकबरा, अशोक की लाट, बिरला मन्दिर और अनेक दर्शनीय स्थान हैं।

नई दिल्ली- दिल्ली महानगर है। इसमें विश्व भर की संस्कृतियों का समागम देखा जा सकता है। इस महानगर को दो भागों में बाँटा गया है- नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली। नई दिल्ली में ही सभी बड़े बड़े कार्यालय हैं। लोकसभा और राज्यसभा, के सभा भवन, राष्ट्रपति भवन, केन्द्रीय सचिवालय, रिजर्व बैंक आदि नई दिल्ली में ही स्थित हैं। कृषि भवन, रेल भवन, आकाशवाणी केन्द्र, दूरदर्शन केन्द्र, उच्चतक न्यायालय, इण्डिया गेट भी नई दिल्ली में ही स्थित हैं। इतना ही नहीं, निर्वाचन सदन और विज्ञान भवन भी इसी में स्थित हैं।

पुरानी दिल्ली- पुरानी दिल्ली के चारों ओर दीवार बनी हुई थी। इसे परकोटा कहते हैं। इस परकोटे के अवशेष कई स्थानों पर दिखाई देते हैं। कश्मीरी गेट के स्थान पर तो यह परकोटा अभी तक सुरक्षित है। इसकी दीवार बहुत ऊँची और चौड़ी है। पुरानी दिल्ली में कश्मीरी गेट के अतिरिक्त अजमेरी गेट और दिल्ली गेट पर भी परकोटा देखा जा सकता है। गुरूद्वारा सीसगंज भी पुरानी दिल्ली चांदनी चौंक में स्थित है।

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फतेहपुरी मस्जिद भी पुरानी दिल्ली में है। इसी मस्जिद के पास खारी बाबली है। यह किराने की बहुत बड़ी मंडी है। सदर बाजार मनियारी, प्लास्टिक आदि की बहुत बड़ी मंड़ी है। यह भी पुरानी दिल्ली में है। पुरानी दिल्ली का यह क्षेत्र बहुत घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

दिल्ली में हवाई जहाज से लेकर बेलगाड़ी तक को देखा जा सकता है। यहाँ ओखला, बुद्धागार्डन, तालकटोरा गार्डन, मुगल गार्डन, रोशनआरा बाग आदि बड़े ही सुन्दर और दर्शनीय स्थान हैं।

दिल्ली गेट के पास यमुना नदी के तट पर भारत के महान नेताओं की समाधियाँ हैं। राजघाट, महात्मा गांधी का समाधि स्थल है। शांतिवन में स्वतन्त्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और युग निर्माता पंडित जवाहर लाल नेहरू की समाधि है। विजय घाट भी शांतिवन के समीप स्थित है। यहाँ लाल बहादुर शास्त्री का समाधि स्थल है। शक्ति स्थल में इन्दिरा गांधी की समाधि है। देश विदेश से आने वाले यात्री इन समाधि स्थलों को देखने के लिए जाते हैं और उन्हें अपने श्रद्धा सुमन भेंट करते हैं।

उपसंहार- पिछले दस सालों में दिल्ली का बहुत विस्तार हुआ है। यमुना के पूर्वी आंचल में शाहदरा है तो पश्चिमी आंचल में पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली। दिल्ली के इन दो भागों को जोड़ने के लिए अब कई स्थानों पर पुल बना दिए गए हैं, पर दिल्ली है कि रूकने का नाम ही नहीं लेती। सुरसा के मुँह की भाँति बढ़ती चली जा रही है।

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Ritu

Author: Ritu

ऋतू वीर साहित्य और धर्म आदि विषयों पर लिखना पसंद करती हैं. विशेषकर बच्चों के लिए कविता, कहानी और निबंध आदि का लेखन और संग्रह इनकी हॉबी है. आप ऋतू वीर से उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर संपर्क कर सकते हैं.