दिल्ली: देश के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 71वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया. राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद का राष्ट्र के नाम यह पहला संबोधन था. अपने संबोधन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आजादी के इतिहास के संघर्ष को याद करते हुए ‘न्यू इंडिया’ के विजन को देश के नागरिकों के सामने रखा. राष्ट्रपति ने कहा कि 2022 में हमारा देश अपनी आजादी के 75 साल पूरे करेगा, तब तक ‘न्यू इंडिया’ के लिए के लक्ष्यों को प्राप्त करने का हमारा ‘राष्ट्रीय संकल्प’ है.

president kovind no place for poverty in new india राष्ट्रपति के भाषण के मुख्य अंश :

– देश को ‘खुले में शौच से मुक्त’ कराना – हममें से हर एक की जिम्मेदारी है.
– रोजमर्रा की जिंदगी में भ्रष्टाचार समाप्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है.
– जीएसटी को अपने हर काम-काज और लेन-देन में शामिल करना तथा टैक्स देने में गर्व महसूस करने की भावना को प्रसारित करना हम सभी की जिम्मेदारी है.
– न्यू इंडिया’ का मतलब हर परिवार के लिए घर, मांग के मुताबिक बिजली, बेहतर सड़कें और संचार के माध्यम, आधुनिक रेल नेटवर्क, तेज और सतत विकास.
– ‘न्यू इंडिया’ एक ऐसा समाज हो जो भविष्य की ओर तेजी से बढ़ने के साथ-साथ, संवेदनशील भी हो
– ‘न्यू इंडिया’ का मतलब है कि हम जहां पर खड़े हैं वहां से आगे जाएं. तभी हम ऐसे ‘न्यू इंडिया’ का निर्माण कर पाएंगे जिस पर हम सब गर्व कर सकें.
– इस ‘न्यू इंडिया’ में हर व्यक्ति की पूरी क्षमता उजागर हो सके और वह समाज और राष्ट्र के लिए अपना योगदान कर सके. ‘न्यू इंडिया’ में गरीबी के लिए कोई गुंजाइश नहीं है.
– नोटबंदी के बाद से देश में ईमानदारी की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला है. ईमानदारी की भावना दिन-प्रतिदिन और मजबूत हो, इसके लिए हमें लगातार प्रयास करते रहना होगा.
– मैं सब्सिडी का त्याग करने वाले ऐसे परिवारों को नमन करता हूं. हमें ऐसे परिवारों से प्रेरणा लेनी चाहिए.