जीवन में प्राथमिकता- एक प्रेरणादायी इंटरव्यू

प्रेरक कथा - जीवन में प्राथमिकता सभी को साथ लेकर चलने में होती है।

एक बार एक बहुत ही बड़ी कंपनी में एक जॉब के लिए इंटरव्यू लिया जा रहा था। इंटरव्यू देने के लिए काफी संख्या में उम्मीदवार आये हुए थे जो अपने साथ अपने कार्यानुभव और शैक्षिक योग्यता के प्रमाणपत्र भी लए थे। किन्तु इंटरव्यू लेने वाले एक्जीक्यूटिव कुछ अलग ही अंदाज में प्रश्न पूछ रहे थे।

प्रेरक कथा - जीवन में प्राथमिकता सभी को साथ लेकर चलने में होती है।

इंटरव्यू शुरू हुआ तो घंटी बजी और चपरासी ने आकर पहले युवक को आवाज लगाई !

युवक अपनी फ़ाइल ले कर चेम्बर में घुसा और बोला “मे आई कम इन सर?”

साक्षात्कार लेने वाले ने कहा “यस”

थैंक यू कहकर युवक अंदर चला गया और सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया !

साक्षात्कार लेने वाले उसकी फ़ाइल देखीं और कहा, वेरी गुड, अच्छा “एक बात बताइये –

मान लीजिये आप कहीं जा रहे हैं, आपकी कार टू सीटर है। आगे चलने पर एक बस स्टैंड पर आपने देखा कि तीन व्यक्ति बस के इंतजार में खड़े है। उन में से एक वृद्धा जो कि करीब ९० वर्ष की है तथा बीमार है। अगर उसे अस्पताल नहीं पहुँचाया गया तो इलाज न मिल सकने के कारण मर भी सकती है। दूसरा आपका एक बहुत ही पक्का मित्र है जिसने आपकी एक समय बहुत मदद की थी जिसके कारण आप आज का दिन देख रहे है। तीसरी आपकी प्रेमिका है जिसे आप बेहद प्रेम करते है। अब आप उन तीनो में से किसे लिफ्ट देंगे क्यूंकि आपकी कार में केवल एक ही व्यक्ति आ सकता है।

युवक ने एक पल सोचा फिर जवाब दिया” सर मैं प्रेमिका को लिफ्ट दूंगा “

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साक्षात्कार लेने वाले पूछा क्या ये बाकी दोनों न्याय होगा?

युवक बोला – नो सर वृद्धा तो आज नहीं तो कल मर ही जायेगी। दोस्त को मैं बाद में भी मिल सकता हूँ पर अगर मेरी प्रेमिका एक बार चली गई तो फिर मैं उससे दूबारा कभी नहीं मिल सकूंगा।

साक्षात्कार लेने वाले ने मुस्कुरा कर कहा – वेरी गुड में तुम्हारी साफ साफ बात सुन कर प्रभावित हुआ। अब आप जा सकते है।

“थैंक यू” कहकर युवक बाहर निकल गया !

साक्षात्कार लेने वाले ने दूसरे प्रत्याशी को बुलाने के लिए चपरासी को कहा।

इस तरह साक्षात्कार लेने वाले ने सभी प्रत्याशियों से यही सवाल पूछा। विभिन्न प्रत्याशियों ने विभिन्न उत्तर दिए।

किसी ने वृद्धा को लिफ्ट देने की बात कही तो किसी ने दोस्त को लिफ्ट देने की बात कही। इस तरह इंटरव्यू आगे चलता रहा।

जब एक प्रत्याशी से ये ही प्रश्न पूछा तो उसने उत्तर दिया “सर मैं अपनी कार की चाभी अपने दोस्त को दूंगा और उससे कहूंगा कि वो मेरी कार में वृद्धा को लेकर उसे अस्पताल छोड़ता हुआ अपने घर चला जाये। मैं उससे अपनी कार बाद में ले लूंगा और स्वयं अपनी प्रेमिका टैक्सी में बैठ क़र चला जाऊँगा।

इंटरव्यू लेने वाले एक्जीक्यूटिव ने उठक़र उस से हाथ मिलाया और कहा यू आर सेलेक्टेड !

थैंक यू सर कह क़र युवक मुस्कुराता हुआ बाहर आ गया !

साक्षत्कार समाप्त हो चूका था।

कई बार हम अपनी नजरें अपने सामने जो समस्या होती है उसके केवल एक पक्ष को देख कर ही उसका हल खोजने लगते हैं जबकि कई बार समस्या का हल उसके सभी पहलुओं को एक साथ देखने और सभी का इस्तेमाल करने में छुपा होता है। जीवन में कई बार प्राथमिकता किसी एक को चुनने में नहीं, सभी को साथ लेकर चलने में होती है।

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सरिता महर

Author: सरिता महर

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