लाहौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को कहा कि वह किसी भी वकील के खिलाफ कार्रवाई करेगा| जो भारतीय राष्ट्रीय कुलभूषण जाधव को सेवाएं प्रदान करेगा| जिसे पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।

लाहौर हाईकोर्ट बार संघ का फरमान

पाकिस्तान के लाहौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव अमर सईद राय ने शुक्रवार को बार की बैठक के बाद कहा, एलएचबीए ने उन सभी वकील की सदस्यता रद्द करने का फैसला किया है| जो भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि बार ने सरकार से कहा है कि जाधव के मामले में कोई विदेशी दबाव नहीं झेले।

लाहौर एचसी बार संघ का कुलभूषण जाधव को लेकर बड़ा बयान

भारत जाधव रिहाई के लिए लगातार पाकिस्तानी सरकार पर दबाव डाल रहा है। हम मांग करते हैं कि भारतीय जासूस जो पाकिस्तानियों के जीवन के साथ खेलने में शामिल है| उसे नहीं बचना चाहिए और सरकार को (फांसी) सुनिश्चित करना चाहिए। इससे पहले सेना के प्रमुख जनरल कमर बाजवा के तहत पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने स्पष्ट किया कि ऐसे “विरोधी राज्य कृत्यों” पर समझौता नहीं किया जाएगा।

फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल के बाद पाकिस्तान में “जासूसी और तोड़फोड़ की गतिविधियों” के दोषी पाए गए है| जिसके बाद जाधव को 46 वर्ष की सजा सुनाई गई| सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने इसकी पुष्टि की।

भारत ने स्वीकार किया था कि जाधव ने नौसेना के साथ काम किया था| लेकिन उन्होंने इनकार किया कि उनका सरकार के साथ कोई संबंध है। भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में कहा है कि यदि जाधव को कुछ होता है| तो पाकिस्तान अंजाम भुगतने को तैयार हो जाये| साथ ही भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्पष्ट किया है कि भारत कुलभूषण जाधव को बचाने की हर संभव कोशिश करेगा|