Kaun Se Upaye Hain Nind Mein Bure-Bure Dravne Sapne Dekhne Walon ke Liye?

सपनों का आना, किसी खास समय पर स्वप्न का आना, स्वप्न के दौरान आप क्या कर रहे हैं, क्यूं कर रहे हैं और आपके स्वप्न में कौन आया, इन सभी बातों का हमारे वर्तमान एवं भविष्य में आने वाली घटनाओं से संबंध होता है।

विज्ञान माने या ना माने, लेकिन सपने हमारे बारे में बहुत कुछ कह जाते हैं। कई बार हम क्या सोच रहे हैं, क्या महसूस कर रहे हैं, ये भी बताते हैं सपने। भविष्य में हमें क्या लाभ और कैसा नुकसान हो सकता है, इसके संकेत भी स्वप्नों द्वारा हासिल होते हैं।

स्वप्न के विभिन्न शुभ-अशुभ संकेत शास्त्रों में उल्लेखित हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि हमारे द्वारा देखा गया सपना यदि शुभ फल दे तो हमें खुशी होती है लेकिन वहीं दूसरी ओर यदि यह किसी अशुभ घटना का संकेत देता है तो हम पहले ही डर जाते हैं।Kaun Se Upaye Hain Nind Mein Bure-Bure Dravne Sapne Dekhne Walon ke Liye

कई बार संकेत तो दूर, कुछ सपने हमें उसमें देखे गए दृश्यों से ही डरा देते हैं। हम इतना भयभीत होकर उठते हैं मानों हमारी जान जाने वाली हो। सपने में भूत, आत्मा, किसी की मौत, अपनी मौत या फिर कोई भयानक दृश्य हमें पसीने से भरी हुई हालत में नींद से उठाता है।

तब हम इस चिंता में पड़ जाते हैं कि यदि यह सपना सच हो गया तो? यदि सपने में हमने जो कुछ भी देखा वह आने वाले दिनों में घटित हो गया तो? तब हम क्या करेंगे? लेकिन घबराइए नहीं, इसके भी उपाय शास्त्रों में मौजूद हैं।

यह भी पढ़िए  मसूर की दाल खानी चाहिए या नहीं खानी चाहिए? Masur ki dal khayen ya na khaye?

यदि आपको कभी भी लगे कि आपके द्वारा देखा गया स्वप्न अनिष्टकारी सिद्ध होगा, भविष्य में आपको नुकसान पहुंचाएगा, तो कुछ शास्त्रीय उपायों से आप उसके असर से बच सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि चित्रकूट वास के समय श्रीराम ने भी एक स्वप्न देखा था जिसके अनिष्ट फल के निवारण हेतु उन्होंने भगवान शिव की पूजा की थी।

इसका मतलब है कि आज से ही नहीं, बल्कि युगों से बुरे स्वप्न संबंधी उपाय किए जा रहे हैं। क्योंकि उचित उपाय करने से बुरे स्वप्न से होने वाला दुष्प्रभाव अत्यन्त क्षीण अथवा समाप्त हो जाता है। इसलिए हम यहां आपको किस समय बुरा सपना आया है, इस आधार पर कुछ उपाय बताने जा रहे हैं।

यदि स्वप्न अधिक भयानक और रात्रि 12 से 2 बजे देखा जए तो तुरंत श्री शिव का नाम स्मरण करें। शिव जी के बीज मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का जप करते हुए सो जाएं। तत्पश्चात् ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नानादि करके शिवमंदिर में जाकर जल चढ़ाएं पूजा करें व पुजारी को कुछ दान करें। इससे संकट नष्ट हो जाता है।

यदि स्वप्न 4 बजे के बाद देखा गया है और स्वप्न बुरा है, तो प्रातः उठकर बिना किसी से कुछ बोले तुलसी के पौधे से पूरा स्वप्न कह डालें। कोई दुष्परिणाम नहीं होगा। स्नान के बाद “ॐ नमः शिवाय” का एक माला, यानि कि कम से कम 108 बार जप करें।

ऐसा माना जाता है कि जब कभी किसी भी प्रकार का बुरा सपना देखा जाए, तो हनुमानजी को याद करें। वह ना केवल सपनों के माध्यम से होने वाले नुकसान को, बल्कि मनुष्य पर होने वाले हर प्रकार के बुरे प्रभावों को नष्ट करने में सक्षम हैं।

यह भी पढ़िए  नजर से बचने के लिए काला धागा क्यों बांधा जाता है? nazar ka kala dhaga kyon?

हनुमान जी सब प्रकार का अनिष्ट दूर करने वाले हैं। बुरे स्वप्न का अनिष्ट दूर करने के लिए सुंदरकांड, बजरंग बाण, संकटमोचन स्तोत्र अथवा हनुमान चालीसा का पाठ भी सांयकाल के समय किया जा सकता है।

यदि स्वप्न बहुत बुरा है और आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है, तो सुबह उठकर सफेद काग़ज़ पर स्वप्न को लिखें फिर उसे जला दें। राख नाली में पानी डाल कर बहा दें। फिर स्नान करके एक माला शिव के मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का जप करें। दुष्प्रभाव नष्ट हो जाएगा।