पंडित जवाहरलाल नेहरू – भारत के प्रथम प्रधान मंत्री

जन्म- 14 नवंबर 1889, इलाहाबाद
मृत्यु- 27 मई 1964, नई दिल्ली
इनके बारे में- आज़ाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, बच्चो के बीच चाचा नेहरू के नाम से मशहूर! भारत के आज़ादी की लड़ाई में गाँधी जी के साथ कंधा से कंधा मिला कर एक अहम किरदार अदा किया!

पंडित जवाहरलाल नेहरू के अनमोल वचन- Famous Quotes by Nehru

आज 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर हिन्दी वार्ता पर पढ़ें पंडित जवाहरलाल नेहरू के प्रमुख अनमोल वचन

(1) एक सिद्धांत को वास्तविकता के साथ संतुलित किया जाना चाहिए

(2) संकट और गतिरोध का एक फायदा होता है कि वे हमें सोचने पर मजबूर करते हैं

(3) संस्कृति मन और आत्मा का विस्तार है.

(4) संकट के समय हर छोटी चीज मायने रखती है

(5) असफलता तभी आती है जब हम अपने आदर्श, उद्देश्य, और सिद्धांत भूल जाते हैं

(6) महान कार्य और छोटे लोग साथ नहीं चल सकते.

(7) अज्ञानता बदलाव से हमेशा डरती है

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(8) सुझाव देना और बाद में हमने जो कहा उसके नतीजे से बचने की कोशिश करना बेहद आसान है

(9) हमें थोडा विनम्र रहना चाहिए; हम ये सोचें कि शायद सत्य पूर्ण रूप से हमारे साथ ना हो

(10) जीवन ताश के पत्तों के खेल की तरह है. आपके हाथ में जो है वह नियति है , जिस तरह से आप खेलते हैं वह स्वतंत्र इच्छा है.

(11) वफादार और कुशल महान कारण के लिए कार्य करते हैं, भले ही उन्हें तुरंत पहचान ना मिले, अंततः उसका फल मिलता है.

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(12) हमारे अन्दर सबसे बड़ी कमी यह है कि हम चीजों के बारे में बात ज्यादा करते हैं और काम कम

(13) लोगों की कला उनके दिमाग का सही दर्पण है

(14) जो व्यक्ति अधिकतर अपने ही गुणों का बखान करता रहता है वो अक्सर सबसे कम गुनी होता है

(15) शायद जीवन में भय से बुरा और खतरनाक कुछ भी नहीं है

(16) आप तस्वीर के चेहरे दीवार की तरफ मोड़ के इतिहास का रुख नहीं बदल सकते.

(17) कार्य के प्रभावी होने के लिए उसे स्पष्ट लक्ष्य की तरफ निर्देशित किया जाना चाहिए.

(18) सह- अस्तित्व का केवल एक विकल्प है सह- विनाश

(19) यदि पूंजीवादी समाज की शक्तियों को अनियंत्रित छोड़ दिया जाए तो वो अमीर को और अमीर और गरीब को और गरीब बना देंगी

(20) बहुत अधिक सतर्क रहने की नीति सभी खतरों में सबसे बड़ा है.

(21) जो पुस्तकें हमें सोचने के लिए विवश करती हैं, वे हमारी सबसे अधिक सहायक हैं

(22) दुसरों के अनुभवों से लाभ उठाने वाला बुद्धिमान होता है |

(23) जाहिर है, दक्षता का सबसे अच्छा प्रकार वह है जो मौजूदा सामग्री का अधिकतम लाभ उठा सके

(24) समय सालों के बीतने से नहीं मापा जाता बल्कि किसी ने क्या किया, क्या महसूस किया , और क्या हासिल किया इससे मापा जाता है

(25) बिना शांति के , और सभी सपने खो जाते हैं और राख में मिल जाते हैं