Janiye Kis Rashi Ke Partner Ke Sath Prem Karna Apko Padega Bhari?

यूं तो जीवन का दूसरा नाम संघर्ष ही है लेकिन अगर आप भारत की प्राचीन विद्या, ज्योतिषशास्त्र का सहारा लें तो बहुत हद तक इन समस्याओं से बचा जा सकता है। सामान्यतौर पर व्यक्ति अपने जीवन में तीन प्रकार की समस्याओं का सामना करता है।

पहली कॅरियर, दूसरी धन और तीसरी विवाह। ये तीन पहलू सही हों तो काफी हद तक जीवन जीने लायक बन जाता है। ज्योतिष विद्या 12 राशियों और 9 ग्रहों पर आधारित है। आपके जन्म की तारीख, समय और स्थान के आधार पर आपकी जन्मकुंडली बनाई जाती है, जो आपके पूरे जीवन का आइना बन जाती है।Janiye Kis Rashi Ke Partner Ke Sath Prem Karna Apko Padega Bhari

विवाह की बात करें तो इस संबंध में बंधने वाले दो लोगों के बीच सामंजस्य ही इस संबंध की नींव होती है। वैसे तो आजकल कुंडली मिलान का चलन आम हो गया है लेकिन फिर भी पोंगे पंडितों की वजह से लोग भटक जाते हैं और गलत निर्णय ले लेते हैं।

जिन बारह राशियों की बात की जा रही है वह सौरमंडल के नौ ग्रहों पर ही आधारित है। इन राशियों का आपस में मेल ही यह निर्धारित करता है कि संबंधित राशियों के जातकों का एक-दूसरे के साथ प्रेम संबंध या विवाह किस हद तक और कितना सफल रहेगा।

ये बात तो आप कई बार सुन चुके होंगे कि किन-किन राशि के लोग एक-दूसरे के लिए सहयोगी और बेहतरीन जीवनसाथी सिद्ध होंगे। आज हम आपको बताएंगे कौन सी राशियों के लोगों को कभी एक-दूसरे से विवाह नहीं करना चाहिए, अर्थात किन राशियों का मेल एक ब्लंडर बन सकता

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मेष और कर्क राशि

मेष राशि के लोग काफी ऊर्जावान और व्यवहारिक होते हैं, जबकि कर्क राशि के जातक बहुत संवेदनशील और भावना प्रधान होते हैं। मौलिक स्वभाव की वजह से इन दोनों लोगों के बीच विवाद और विरोध की संभावना हमेशा बनी रहेगी। दोनों की ही प्राथमिकताएं अलग-अलग होती हैं इसलिए ये मेल कुंठा का कारण बन जाएगा।

कुंभ और कर्क

कुंभ राशि सक्रियता और उत्साह को दर्शाती है। शुरुआत में कर्क राशि का जातक अपने कुंभ राशि के जातक की इन खूबियों की वजह से आकर्षित रहेगा लेकिन धीरे-धीरे उसे ये सब बहुत बोरिंग लगने लगेगा। कर्क राशि के लोग अपने घर से ज्यादा समय तक दूर नहीं रह सकते। उनके लिए ऐसी सक्रियता के कोई मायने नहीं हैं, जो उन्हें घर और परिवार से दूर रखे।

सिंह और वृषभ

वृषभ राशि के जातक स्थायित्व और सुरक्षित वातावरण की तलाश में रहते हैं और सिंह राशि के लोग नई-नई चीजों में हाथ आजमाते हैं। उन्हें दुनिया की हर चीज चाहिए, इसलिए सिंह राशि के जातक कभी स्थायी नहीं रह पाते। अलग-अलग प्राथमिकताएं और स्वभाव इन दोनों को कभी साथ नहीं रहने देता।

वृश्चिक और मेष

दोनों ही राशियों के जातक अपनी-अपनी स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को लेकर गंभीर हैं। मेष राशि के लोग थोड़े फ्लर्ट नेचर के होते हैं और वृश्चिक राशि के जातक ईर्ष्यालु, इस वजह से इन दोनों के बीच विश्वास नहीं बन पाता और परिणामस्वरूप संबंध ज्यादा लंबा नहीं चल पाता।

मिथुन और कर्क

मिथुन राशि के जातक पूरी तरह संवेदनाहीन होते हैं, उनके लिए भावनाओं का कुछ खास अर्थ नहीं होता, जब ये अपनी बात कहते हैं तो काफी कठोर हो जाते हैं, जबकि कर्क राशि के लोग पूरी तरह संवेदनशील और भावनाओं में बहने वाले होते हैं। इस वजह से ये लोग कभी ना तो प्रेम संबंध को निभा पाते हैं और ना ही विवाहित संबंध को।

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सिंह और कन्या

सिंह राशि के लोग धन व्यय करने वाले होते हैं और कन्या राशि के लोग बचत में विश्वास रखते हैं। अगर ये लोग विवाह कर लेते हैं तो बहुत हद तक संभावना है कि इनका संबंध धन संबंधी किसी मसले को लेकर ही टूट जाए।

मकर और तुला

तुला राशि के लोग लेने से ज्यादा देने में भरोसा करते हैं। वे लोग दूसरों को खुश देखकर ही खुश हो जाते हैं, जबकि इसके ठीक उलट मकर राशि के जातक दमन करना और अपने साथी को दबाकर रखने में विश्वास करते हैं। मकर राशि के लोग अपने तुला राशि के जातक के स्वभाव का फायदा उठा जाते हैं। जिसे तुला राशि के लोग ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं कर पाते।

कुंभ और वृषभ

कुंभ राशि के लोग खुले विचारों वाले होते हैं जबकि वृषभ राशि के जातक अपने साथी को सिर्फ अपने नजदीक देखना चाहते हैं। यही इनके बीच कलह की वजह बनता है।

मीन और सिंह

सिंह राशि के लोग हर हाल में अपने साथी की अटेंशन चाहते हैं। उन्हें इस बात से अंतर नहीं पड़ता कि साथी खुश है या दुखी, उन्हें सिर्फ अपनी बात हमेशा मनवाने की आदत होती है। जबकि मीन राशि के लोग सपनों की दुनिया में रहने वाले होते हैं, जहां ऐसा कुछ नहीं होता।

मकर और धनु

मकर राशि के लोग काफी उदासीन व्यक्तित्व वाले होते हैं जबकि धनु राशि के लोग अपने आसपास सिर्फ खुशियां ही देखना चाहते हैं। उन्हें मकर राशि के लोगों का बोरिंग और उदासीन स्वभाव सहन नहीं होता।

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वृश्चिक और कुंभ

कुंभ राशि के जातक हर समय कुछ नया करने के लिए ललचाए रहते हैं। उन्हें जीवन में रोमांच चाहिए। वे एक स्थान पर बैठकर नहीं रह सकते। जबकि इसके ठीक उलट वृश्चिक राशि के लोग हर समय समर्पण और स्थायित्व की तलाश करते हैं।

मिथुन और मीन

मिथुन राशि के लोग स्वतंत्रता चाहते हैं, उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश करना मतलब उनके जुड़ाव और लगाव को खो देना है। वहीं मीन राशि के लोग समर्पण चाहते हैं जो मिथुन राशि वालों के लिए असंभव है।

मिथुन और कन्या

ये दोनों ही राशि के जातक जीवन को लेकर अपनी अलग-अलग सोच और दृष्टिकोण रखते हैं। कन्या राशि के लोग काफी गंभीर और व्यवहारिक स्वभाव वाले होते हैं जबकि मिथुन राशि के लोग कभी किसी निर्णय तक पहुंच ही नहीं पाते। इन दोनों का आपस में मेल बैठ पाना मुश्किल है।

हमने आपको ये तो बता दिया कि कौन सी राशि के लोगों को कभी एक-दूसरे के साथ नहीं जुड़ना चाहिए। लेकिन फिर भी अगर आप जुड़ने की सोच रहे हैं तो किसी अच्छे ज्योतिष की सलाह अवश्य लें।