क्लास रूम स्टडी के बारे में तो आपने सुना ही होगा लेकिन क्या कभी ग्रेवयार्ड क्लास रूम यानि कि ऐसा क्लास रूम जहाँ कब्र में सो कर पढ़ा जाता हो. क्या आपने कभी ऐसे किसी क्लास रूम के बारे में सुना है? अगर नहीं तो अपना दिल थाम लीजिये क्योंकि अभी आप जो पढ़ने जा रहे हैं. हो सकता है उसे पढ़कर आपके होश उड़ जाये.

दरअसल ये ग्रेवयार्ड क्लास रूम जापान में है. जहाँ उन महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाती है जो आत्महत्या करना चाहती हैं. जी हां शायद आपको इस बात पर यकीन ना हो लेकिन ये बिल्कुल सच है. ये क्लास रूम अन्य क्लास रूम के तरह किसी चार दिवारी के अंदर नहीं बल्कि एक खुले मैदान में हैं. जहाँ कब्र खोद कर महिलाओं को उसमें सुला दिया जाता है. उसके बाद उनके शरीर को मिट्टी से ढंक दिया जाता है. ताकि वो एहसास कर सकें कि मौत के बाद वो कैसा महसूस करेंगी.

आपके दिमाग में एक बात लगातार आ रही होगी कि आखिर ऐसी क्लासरूम क्यों लगाई जाती है. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है. उससे पहले आपको बता दें कि ये ग्रेवयार्ड क्लास रूम पिछले 3 साल से चलाया जा रहा है. इसकी संचालक 30 वर्षीय ‘लियू तेजी’ हैं. लियू को जब उनके पति ने 3 साल पहले छोड़ दिया था तो अपनी जिंदगी से तंग आ कर उन्होंने भी आत्महत्या करने की सोची थी. लेकिन बहुत सोचने के बाद उन्होंने तय किया कि आत्महत्या करना ही आखिरी विकल्प नहीं है. उसके बाद उन्होंने अपने जैसी महिलाओं को आत्महत्या करने से रोकने के लिए ग्रेवयार्ड क्लास रूम की शुरुआत की.

यहाँ वो औरतें आती हैं जो अपनी जिंदगी से हार गई होती है और आत्महत्या को ही आखिरी विकल्प मानती है. औरतों को लियू जीते जी मौत का एहसास करवाती हैं. इनके दिमाग में ये भरा जाता है कि मौत के बाद उनके साथ क्या होगा. जिसके बाद वो इतना डर जाती हैं कि अपनी जिंदगी से फिर से प्यार करने लगती हैं.

इन औरतों को कब्र में लेटा कर पूरी तरह मिट्टी से ढक दिया जाता है. उसके बाद उन्हें ये एहसास करने को कहा जाता है कि खुद को अपनी जिंदगी के बिना महसूस करो. नतीजन उनके दिमाग से आत्महत्या का विचार गायब हो जता है.