भाकपा के वाम नेता ए बी वर्धन का निधन

RIP A B Vardhan ए बी वर्धन का निधन श्रद्धांजलि

शनिवार 02 जनवरी को लेफ्ट पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी वरिष्ठ नेता एबी वर्धन का एक लम्बी बीमारी के बाद देर शाम देहांत हो गया। 92 वर्षीय वर्धन पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ने डी राजा ने श्री एबी वर्धन के देहांत की पुष्टि करते हुए शोक प्रकट किया।

RIP A B Vardhan ए बी वर्धन का निधन श्रद्धांजलिज्ञात हो कि श्री एबी वर्धन बीमार थे और दिल्ली के गोविन्द वल्लभ पंत अस्पताल में भर्ती थे।

श्री एबी बर्धन का जन्म महाराष्ट्र के नागपुर में 25 सिंतबर 1924 को हुआ था। वाम नेता एबी वर्धन ने सारा जीवन वामपंथी विचारधारा के प्रसार और प्रचार में लगा दिया। उनकी गिनती भारतीय राजनीति में सिद्धांतों के प्रति समर्पित और मूल्यों की राजनीति करने वाले गिने चुने राजनेताओं में होती थी। श्री एबी वर्धन को सभी पार्टियों के नेताओं में सामान आदर प्राप्त था.

गरीब और मजदूरों के बीच एबी वर्धन की छवि मसीहा की तरह थी।

एबी वर्धन ने ज्यादा समय किसान और मजदूरों के उत्थान और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए बिताया। हालांकि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में केवल एक बार ही चुनाव जीतने में सफल हो पाये जब उन्होंने 1957 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर इलेक्शन लड़ा। उसके बाद वर्धन ने 1967 और 1980 के लोकसभा के चुनावों में भी भाग लिया परन्तु दोनों बार उन्हें चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा।

उनके वामपंथी विचारधारा और पार्टी में उनके योगदान को देखते हुए 1996 में वर्धन को भाकपा का महासचिव बनाया गया।

एबी वर्धन के निधन पर अनेक राजनेताओं ने शोक और संवेदना व्यक्त की। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नेअपने शोक सन्देश में कहा कि वर्धन के परिवार और सीपीआई में उनके साथ उनकी गहरी संवेदनाएं हैं।

वहीं सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव ने वर्धन के निधन पर कहा कि उनका निधन समस्त कम्युनिस्ट मूवमेंट्स के लिए अपूरणीय क्षति है। एबी वर्धन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर शोक सन्देश दिया। उन्होंने कहा कि “Will always remember Shri AB Bardhan as a passionate Communist, fully committed to his ideology & principles. May his soul rest in peace.”

हिंदी वार्ता परिवार भी अपने पाठकों की और से श्री एबी वर्धन के निधन पर अपनी संवेदना प्रकट करता है।

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सरिता महर

Author: सरिता महर

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