ट्रिपल तलाक़ का मुद्दा दिन ब दिन जोर पकड़ता जा रहा है| रविवार को पीएम मोदी ने इसे महिलाओ पर अत्याचार कहा था| वही सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी तुलना चीरहरण से की है| आज लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री चंद्र शेखर की जयंती के मौके पर एक किताब के विमोचन पर मुख्यमंत्री योगी ने हिस्सा लिया| यहाँ पर योगी जी ने कई सवाल पूछकर नई बहस को जन्म दे दिया| उन्होंने ट्रिपल तलाक़ को महिलाओ के अधिकारों पर हमला कहा है|

योगी ने ट्रिपल तलाक़ को लेकर पूछे सवाल

अपने भाषण के दौरान उन्होंने 5 सवाल पूछे जिनसे राजनीती में नई बहस छिड़ने के आसार है|

1. ट्रिपल तलाक़ महाभारत के चीरहरण जैसा है, पता नहीं कुछ लोग सियासी फायदे के लिए चुप क्यों है|
2. शादी के लिए सभी महिलाओ को एक जैसा हक़ क्यों नहीं मिल सकता?
3. जब हमारा देश एक है तो यहाँ कानून एक क्यों नहीं हो सकता?
4. आखिर कौन लोग है जो कॉमन सिविल कॉड के विरोधी है? वो ऐसा किसके कहने पर कर रहे है?
5. आखिर देश हित के मुद्दों पर चुप्पी क्यों? जो व्यक्ति देश हित में नहीं बोल सकता वो अपराधी समान है|

योगी आदित्यनाथ ने अपने इन सवालो से जहाँ देश की राजनीती में हलचल पैदा कर दी है| वही पीड़ित महिलाओ की उम्मीदों को बढ़ावा मिला है|

कॉमन सिविल कोड और ट्रिपल तलाक़ पर चुप्पी क्यों

ट्रिपल तलाक़ पर मुस्लिम नेताओ की राय

जफरयाब गिलानी ने कहा इस्लाम में जिंदगी जीने का जो तरीका बताया गया है| वही सही है| हमें उसी के साथ चलना चाहिए| वही धर्मगुरु राशिद महली फिरंगी ने कहा सबसे पहले मुस्लिम महिलाओ की शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देना चाहिए| मुस्लिम नेता शाइस्ता अंबर ने कहा यह धर्म से जुड़ा मुद्दा ही नहीं है| यह तो केवल महिलाओ के अधिकारों का मामला है| महिलाओ को धर्मगुरुओ की बातों में नहीं आना चाहिए बल्कि उन्हें कानून द्वारा शिक्षा मुहैया कराई जानी छाइये|