मंदसौर में किसानों पर गोलियां चलवाना पड़ा महंगा- भाजपा की करारी हार

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के बाद हुए नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारा झटका लगा है. दो नगर परिषद के तीन वार्डों में भाजपा को करारी शिकस्त मिली है. तीनों जगहों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है.

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मंदसौर जिले की शामगढ़ नगर पंचायत में दो वार्डों और गरोठ पंचायत में एक वार्ड के उपचुनाव के लिए 11 अगस्त को मतदान हुआ था. पांच दिन बाद हुई मतगणना में भाजपा को बुरी तरह शिकस्त का सामना करना पड़ा है.

शामगढ़ नगर पंचायत के दो वार्डों के चुनाव में कांग्रेस के गोपाल पटेल और निलेश संघवी ने जीत हासिल की. वहीं गरोठ के वार्ड नंबर 9 के उपचुनाव में भी कांग्रेस की संगीता चंदेल ने भाजपा उम्मीदवार को शिकस्त दी.

शामगढ़ और गरोठ दोनों जगहों पर भाजपा की परिषद होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत को किसान आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि किसान आंदोलन के दौरान सरकार और भाजपा के खिलाफ नाराजगी के चलते भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है.

हालांकि, भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि छोटे से चुनाव को किसान आंदोलन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. वहीं, कांग्रेस के नेता इस जीत से बेहद उत्साहित दिखे.

नरेंद्र मोदी को साध्वी ने दी नसीहत- गौ आतँकियों पर भाषण देने के बजाये खुद शुरुआत क्‍यों नहीं करते?

रविवार (16 जुलाई) को पीएम मोदी ने अपने ट्विटर पर गौरक्षा और बीफ के नाम पर की गई हिंसा पर की ट्वीट किए।पीएम ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों से सख्ती से निपटना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों के गौरक्षा के नाम पर हिंसा कर रहे लोगों के विरूद्ध एक जुट होने का आह्वान भी किया.

pm modi

पीएम के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए साध्वी खोसला ने उनसे अपील की कि वो पहले “‘ट्विटर रक्षकों” को अनफॉलो करें। साध्वी का कहना था कि दूसरों को नसीहत देने के बजाये प्रधानमंत्री खुद से शुरुआत क्यों नहीं करते

लेकिन पीएम मोदी और बीजेपी को चाहने वालों को साध्वी की सलाह नहीं पसंद आई और कुछ लोगों ने उन्हें ट्रॉल कर दिया। हालांकि कई लोगों ने उनके साहस की तारीफ भी की।

पिछले कुछ सालों में गाय और बीफ के नाम पर बढ़ी हिंसा और हत्याओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस मसले पर चुप्पी साधने का आरोप विपक्ष लगाता रहा है।

रविवार को किए ट्वीट में भी पीएम मोदी ने परोक्ष तौर पर गाय और बीफ के नाम पर हो रही हत्याओं की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर डाल दी।

आठ साल में गाय के नाम पर ह‍िंसा में मरने वाले 86 प्रतिशत मुसलमान

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “कानून व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और जहां भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, राज्य सरकारों को इनसे सख्ती से निपटना चाहिए।”

लेकिन इंडिया स्पेंड के डेटा के अनुसार केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से देश में गाय से जुड़ी हिंसा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

ऐसे 97 प्रतिशत मामले नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद हुए हैं। साल 2010 से 2017 के बीच हुई गाय से जुड़ी 63 घटनाओं में 57 प्रतिशत पीड़ित मुस्लिम थे। इन घटनाओं में कुल मारे गए 28 भारतीय मे से से 24 मुसलमान थे।

आज भारत रिहा करेगा 11 पाकिस्तानी कैदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तानी PM नवाज़ शरीफ के साथ अस्ताना में हुई मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया है कि भारत 11 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करेगा. सोमवार को इन सभी 11 कैदियों को रिहा कर दिया जाएगा. इसे ‘गुडविल जेस्चर’ का नाम दिया जा रहा है परन्तु इसके बदले पाकिस्तान की तरफ से ऐसा कोई कदम उठाने की खबर नहीं है.

हालाँकि पाकिस्तान की तरफ से एक बयान आया है जिसमें कहा गया है कि भारत ऐसा इसलिए कर रहा है क्युकी उन कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है.

भारत सरकार के मुताबिक पाकिस्तान की जेलों में अभी तक 132 भारतीय कैदी बंद हैं जिनमें से 57 ने अपनी सजा पूरी कर ली है परन्तु पाकिस्तान फिर भी उन्हें यह कह कर नहीं रिहा कर रहा कि भारत पहले इन कैदियों की नागरिकता सुनिश्चित करे.

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भारत का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब कुलभूषण जाधव मामले पर दोनों देश आमने सामने हैं. भारत का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्युकी हाल ही में कजाकिस्तान के अस्ताना में भारत पाक के प्रमुखों की मुलाकात शंघाई कॉपरेशन आर्गेनाईजेशन की मीटिंग के दौरान हुई थी जब प्रधानमंत्री मोदी ने नवाज़ शरीफ का हाल पुछा तथा उनकी माँ और परिवार का हाल चाल भी पुछा था.

हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर गोलीबारी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं. इसके साथ साथ कुलभूषण विवाद पर भी दोनों देशों की राजनीति गरमाई हुई है.

भ्रष्टाचार के मामले में भारत एशिया में नंबर 1, पाकिस्तान 5वें स्थान पर

भारतीय जनता पार्टी के नरेंद्र मोदी सरकार का एक सपना भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण करना था परन्तु ऐसा लगता है कि उनका यह सपना आने वाले दिनों में मुश्किल ही होता जा रहा है.

हकीकत को देखने पर एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आती है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (एक वैश्विक सिविल सोसाइटी आर्गेनाईजेशन) के सर्वे में यह सामने आया है कि भारत ने भ्रष्टाचार के मामले में एशिया में सभी देशों को पीछे छोड़ चूका है. एशिया के 16 देशों में हुए सर्वे में भारत नंबर 1 पर बना हुआ है जहाँ भ्रष्टाचार के गंभीर आंकड़े देखने को मिले.

हर 10 में से 7 भारतीय का कहना है कि बाबुओं को बिना पैसा खिलाए आज भी कोई सरकारी काम कराना मुश्किल है. वहीँ एशिया का जापान सबसे कम भ्रष्ट देश है जहाँ 1000 में से सिर्फ 2 लोगों ने देश में भ्रष्टाचार की बात कही.

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16 एशियाई देशों में हुए सर्वे में यह बात सामने आयी है कि हर 4 में से 1 नागरिक को सरकारी सेवा का प्रयोग करने के लिए भी घूस देना पड़ा है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने इस सर्वे कि विस्तृत रिपोर्ट छापी है जिसका शीर्षक है “पीपल एंड करप्शन-एशिया पैसिफिक”
इस सर्वे में पूरे एशिया भर से 22000 से अधिक लोगों ने भाग लिया तथा भ्रष्टाचार पर अपने अनुभवों को साझा किया.

क्या नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पर्याप्त कदम उठा रही है?

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लोग फिर भी मानते हैं कि सरकार अच्छा काम कर रही है

सर्वे में रोचक बात सामने आयी है. जहां तीन चौथाई लोगों ने यह माना कि पिछले 3 सालों में भ्रष्टाचार में बढोत्तरी हुई है परन्तु जब लोगों से यह पुछा गया कि उनकी सरकार सार्वजानिक सेवाओं में भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए कैसा काम कर रही है, तब लोगों के जवाब चौंकाने वाले थे.

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भारत,श्रीलंका, थाईलैंड तथा इंडोनेशिया के आधे से अधिक लोगों का यह मानना है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार मिटाने को ले कर अब भी तत्पर है तथा अच्छा काम कर रही है. भारत में 53% लोग अब भी मानते हैं कि नरेंद्र मोदी की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अच्छा काम कर रही है.

18 महीने तक चले इस सर्वे में एशिया के 40 प्रतिशत लोगों ने यह माना कि उनके देश की पुलिस भ्रष्ट है, वहीँ 33 प्रतिशत लोगों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने काम निकालने के लिए पुलिस को पैसे खिलाये.

बात पुलिसिया (न्याय-व्यवस्था) भ्रष्टाचार की करें तो इस मामले में पाकिस्तान सबसे आगे है जहाँ रिश्वतखोरी की दर 70 प्रतिशत है, वहीँ भारत में यह 54 प्रतिशत है हालाँकि चीन इस मामले में काफी बेहतर स्थिति में है जहाँ यह सिर्फ 12 प्रतिशत है.

भारत के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सर्वाधिक भ्रष्ट है जहां रिश्वतखोरी की दर 58 प्रतिशत है वहीँ पाकिस्तान में यह सिर्फ 9 प्रतिशत है और चीन में 29 प्रतिशत.

कमोबेश वही हाल भारत के सरकारी अस्पतालों का है जहां 100 में से 59 लोगों ने माना कि उन्हें सरकारी अस्पतालों में किसी ने किसी तरीके से घूस देना पड़ा. पाकिस्तान और चीन में स्थिति काफी बेहतर है वहां अस्पतालों में रिश्वतखोरी की दर क्रमशः 11% तथा 18% है.

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एशिया के 5 सर्वाधिक भ्रष्ट देश 

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने अपने सर्वे में बेसिक सरकारी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजानिक सेवाओं में भ्रष्टाचार का आकलन किया है. यह रिपोर्ट मार्च 2017 में प्रकाशित हुई थी. एशिया के पांच सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में भारत नंबर 1 पर है.

  1. भारत (रिश्वतखोरी दर- 69%)
  2. वियतनाम (रिश्वतखोरी दर- 65%)
  3. थाईलैंड (रिश्वतखोरी दर- 41%)
  4. म्यांमार (रिश्वतखोरी दर- 40%)
  5. पाकिस्तान (रिश्वतखोरी दर- 40%)

सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद सरकारी तंत्र  के निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की समस्या आज भी गंभीर बनी हुई है. जिसपर जल्द से जल्द ठोस कार्यवाही की आवशयकता है .

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सिर्फ 3 सालों में देश ने खोये 578 जवान, अकेले कश्मीर में 203 जवान हुए शहीद

अच्छे दिनों का वादा कर सत्ता में आयी भाजपा की सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद के मुद्दे पर पिछड़ती नजर आ रही है. आंकड़ों को देखें तो देश ने पिछले 3 सालों में 578 जवानों को खो दिया है. सिर्फ कश्मीर में यह आँकड़ा 200 से अधिक है.

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इतना ही नहीं, पिछले 3 सालों में आतंकी हमले में 877 भारतीय नागरिक मारे गए हैं जिसके बाद भी सरकार ने जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कोई ठोस कदम नहीं उठाये हैं.

इन सभी मुद्दों पर हमला करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने आज कहा कि पाकिस्तान ने सिर्फ तीन सालों में 1363 बार जम्मू कश्मीर के रास्ते घुसपैठ करने की कोशिश की. इतना ही नहीं हमारे 3 जवानों का शव क्षत विछत कर दिया परन्तु सरकार सिर्फ निंदा करने में व्यस्त है.

आजाद ने कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल में जब दो जवानों के शव क्षत-विक्षत किए गए थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के अपने चुनावी भाषणों में पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने की बात कही थी लेकिन अब पाकिस्तान जा कर बिरयानी खाना और शाल, सदियों का आदान प्रदान ही दिख रहा है.

उन्होंने नक्सल समस्या को भी उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार नक्सलियों से निपटने में भी बुरी तरह फेल रही है. पिछले तीन साल में 271 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं, नक्सलियों ने 665 नागरिकों की हत्या की है और नक्सली हिंसा की 3517 घटनायें हुई हैं।

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नक्सली हमले में शहीद हुए जवान

 

कांग्रेस VS भाजपा- क्या कहते हैं आंकड़े

पूरे देश भर हुई आतंकी घटनाओं पर गौर करें तो कांग्रेस के शासन काल में 2012 में जहां पूरे साल में 139 जवान शहीद हुए वहीँ 2016 कुल शहीदों की संख्या 180 पहुँच गयी.

इनमे सबसे ज्यादा प्रभावित जम्मू कश्मीर रहा पर वहाँ भी आंकड़े अलग ही कहानी कहते हैं. जम्मू & कश्मीर 2013 में जहाँ 170 घटनाओं में सेना के 53 जवान मारे गए थे वहीँ 2016 आते आते घटनाओं की संखया में लगभग दोगुने का इजाफा हुआ है. कुल 308 घटनाओं में सेना के 82 जवान शहीद हुए.

इतना ही नहीं बल्कि घुसपैठ की घटनाओं की यदि तुलना करें तो 2013 में हुए 277 घटनाओं के मुकाबले 2016 में 364 घटनाएं हुई हैं.

2013 में कुल 97 घुसपैठ की कोशिशें सफल रही थी जबकि भाजपा के शासन काल में यह आंकड़ा बढ़ कर 112 हो गया.

अब मोदी सरकार ने भी माना, काले धन पर बुरी तरह फेल रही यह स्कीम

मोदी सरकार ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना चलायी जिससे बड़े पैमाने पर काले धन की वसूली करने का लक्ष्य रखा गया परन्तु अब सरकार ने भी यह मान लिया है कि यह स्कीम बुरी तरह विफल रही है.

ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए प्रधान मंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की थी जिसमें कालाधन रखने वाले 50 फ़ीसदी पेनाल्टी दे कर अपना काला धन वाइट कर सकते थे. परन्तु सरकार के आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो यह स्कीम बुरी तरह पीटती नज़र आती है.

कुल मिला कर इस योजना से सिर्फ 5000 करोड़ का काला धन सामने आया है. राजस्व सचिव हसमुख अढ़िया ने कहा कि 50 फ़ीसदी टैक्स और 25 फ़ीसदी डिपाजिट लोगों को ज्यादा लगा और उन्होंने अपना काला धन अलग अलग खातों में खपा दिया.

ज्ञात हो कि सीबीआई के एक अनुमान के अनुसार भारत में काले धन की कुल राशि लगभग 25 लाख करोड़ रूपए से भी अधिक है. जिसपर 2014 चुनावों में नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार ने कड़े एक्शन लेने की बात कही थी.

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि पीएमजीकेवाई पहले की स्‍कीमों की तरह थी और इसको लेकर रिस्‍पांस को अलग से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पिछले वित्‍त वर्ष में पीएमजीकेवाई एक अलग स्‍कीम नहीं थी। तथा हमें इसके परिणामों को कम कर के आंकने की जरूरत नहीं है.

गिरी विकास दर तो अरुण जेटली ने कहा-UPA तथा वैश्विक परिस्थितियां हैं जिम्मेदार

भारत की गिरी विकास दर के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है. तीन सालों के सरकारी काम काज का लेखा जोखा पेश करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ देशों में संरArun jaitely क्षणवाद की प्रवृत्ति और वैश्विक व्यापार में कमी साफ-साफ देखी जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि तीन साल पहले UPA के शाशन काल में देश कि अर्थव्यवस्था पर लोगों को भरोसा नहीं था जबकि हमने इस भरोसे को फिर से बहाल करने का काम किया है.

उन्होंने नोटबंदी को एक लाभकारी कदम बताया पर इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए कि आखिर भारत का विकास दर 7 प्रतिशत के मुकाबले 6.1 प्रतिशत पर कैसे गिर गया.

हालाँकि जेटली ने कहा की वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर काफी अच्छी है और इसमें सुधर किये जा रहे हैं.

स्टील उत्पादन के मामले में भारत ने जापान को पछाड़ा

भारत ने जापान को पछाड़ते हुए स्टील उत्पादन के मामले में विश्व में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया है.

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इंटरनेशनल स्टेनलेस स्टील फोरम की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब सिर्फ चीन से पीछे है. 2015 के मुकाबले 9 प्रतिशत का ग्रोथ दिखते हुए भारत ने 2016 में कुल 3.32 मिलियन टन स्टील का उत्पादन किया.

इस मौके पर ISSDA अध्यक्ष KK पाहुजा ने कहा “यह भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग के लिए एक महान क्षण है आईएसएसडीए ने भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग को नए ऊंचाइयों पर लेने के लिए सरकार से निरंतर नीति समर्थन का आग्रह किया है। ISSDA स्थिरता और विकास के लिए स्टेनलेस स्टील आधारित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के साथ काम करना जारी रखेगा ”

हालाँकि चीन इस दोनों देशों से भारी अंतर से आगे है. चीन विश्व के आधे से अधिक स्टील का उत्पादन करता है. नम्बरों के मामले में भी चीन की उत्पादन क्षमता भारत से 8 गुनी है.

देश वापस लौटी उज़्मा ने कहा, मौत का कुंआ है पाकिस्तान, सुषमा स्वराज का धन्यवाद

बाघा बॉर्डर, भारत: बन्दूक की नोक पर जबरन शादी का शिकार हुई उज़्मा भारत लौट आयी हैं. भारत आकर सबसे पहले उन्होंने देश की मिटटी को चूमा और कहा ‘पाकिस्तान मौत का कुंआ है जहाँ जाना आसान है पर लौटना उतना ही मुश्किल. भारत की मुस्लिम महिलाएं सोचती हैं कि पाकिस्तान अच्छा देश है लेकिन मैं कहती हूं कि सतर्क रहना. वहां आदमी सुरक्षित नहीं है तो औरतें क्या होंगी.’

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उज़्मा ने बताया कि पाकिस्तान में ताहिर नाम के शख्स ने बन्दूक की नोक पर उनसे शादी कर ली जहाँ उन्हें रोजाना प्रताड़ित किया जाता था. अंततः इसी प्रताड़ना से उबकर उज़मा पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग आ गई थीं.

भारतीय उच्चायोग ने उज़मा को अपने साथ रखा और वहां क़ानूनी लड़ाई के ज़रिए उज़मा का वापस भारत भेजा. अपने देश भारत पहुंचते ही उज़मा ने वतन की मिट्टी को चूमा.

उज़्मा के घरवालों के अनुसार उज़्मा इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान गयी थीं. हालाँकि ताहिर नाम से इस शख्स से उनकी मुलाकात मलेशिया में हुई थी. ताहिर ने पाकिस्तान में उज़्मा से जबरदस्ती शादी कर ली

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया करते हुए उन्होंने कहा ‘सुषमा मैम मुझे रोज फ़ोन कर पूछती थीं बेटी तुम ठीक हो न. वो कहती थीं तुम टेंशन मत लो क्योंकि हिन्दुस्तान की बेटी हो. वहां कई लड़कियां फंसी हुई हैं. मैं पाकिस्तान घूमने के लिए गई थी. मुझसे अगवा कर शादी कर ली.”

उज़्मा ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा ‘मुझे हिन्दुस्तानी होने पर गर्व है. मलेशिया देखा, पाकिस्तान देखा पर हिन्दुस्तान जैसा कोई देश नहीं है. मुझे नरेंद्र मोदी जी को भी शुक्रिया कहने का मौक़ा मिले.”

अभी चुनाव हुए तो मोदी सरकार को मिलेंगे 300 से ज्यादा सीट- सर्वे

नई दिल्ली: 3 साल तक सत्ता में बने रहने के बावजूद मोदी सरकार का जलवा कायम है. हाल ही में हुए सर्वे के अनुंसार अगर अभी चुनाव हुए तो मोदी सरकार 300 से ज्यादा सीटों का आंकड़ा पार कर सकती है. 2014 में हुए चुनावों में भाजपा को 335 सीटें मिली थीं और तब यह कहा गया था कि देश भर में मोदी लहर चल रही है.

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ABP न्यूज़-CDS-लोकनीति सर्वे के मुताबिक यदि आज चुनाव हुए तो भाजपा को 331 सीटें मिल सकती हैं जबकि UPA को 104 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. अन्य के कहते में 108 सीटें आ सकती हैं जो कि 2014 के मुकाबले 40 कम हैं.

सर्वे के अनुसार NDA को बिहार-झारखण्ड में भाजपा को नुकसान हो सकता है, लालू के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोपों से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा.

उत्तर भारत में फीकी पड़ी है चमक. यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब जैसे उत्तर भारत जैसे राज्यों में मोदी सरकार की चमक फीकी पड़ी है जबकि UPA को फायदा मिल सकता है.

एबीपी न्यूज के मुताबिक सर्वे 1 मई से 15 मई के बीच किया गया। इसके लिए 19 राज्यों की 146 विधानसभा सीटों की 584 पोलिंग के 11373 लोगों से बातचीत की गई है।