मैनचेस्टर विस्फोट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हमले से ‘चिंतित’ हूँ

नई दिल्ली: मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह मैनचेस्टर विस्फोट, यूनाइटेड किंगडम में हमले से “चिंतित” हूँ। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने बताया कि मैनचेस्टर एरीना में विस्फोट के कारण 19 लोगों की मौत हो गई और लगभग 50 लोग घायल हो गए। आपातकालीन वाहन घायल हो गए लोगो को हॉस्पिटल ले गए| बम विस्फोट करने वाली इकाइयों को बाद में स्थल के बाहर देखा गया।

मैनचेस्टर विस्फोट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट

“मैनचेस्टर विस्फोट से पीड़ित हुआ है| हम इसकी कठोर निंदा करते हैं। हम मृतक के परिवारों और घायल लोगों के साथ प्रार्थना करते हैं,” मोदी ने ट्वीट किया। हम प्रार्थना करते है कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ|

एक विस्फोट ने उत्तरी इंग्लैंड में देर से मंगलवार को एरियाना ग्रांडे कॉन्सर्ट को हिला दिया| जिसमें कम से कम 19 लोग मारे गए और पुलिस ने दावा किया कि आतंकवादी हमले के सरे सबूत इकठ्ठे कर रही है। संगीत कार्यक्रम के अंत में विस्फोट के बाद सामूहिक आतंक था| जो ग्रैंडे की द डेंजरस वुमन टूर का हिस्सा था। एक प्रतिनिधि के अनुसार, गायक घायल नहीं है। पुलिस का कहना है कि उत्तरी इंग्लैंड में एरियाना ग्रांडे कॉन्सर्ट में विस्फोट की खबरों के बाद वहां “कई मौतें” दिखीं। पुलिस ने जनता को सोमवार की रात मैनचेस्टर एरिना के आसपास के क्षेत्र से बचने की सलाह दी। हाल के वर्षों में ब्रिटेन के आतंकवादी खतरे का स्तर बढ़ गया है| जिससे वहां का माहौल बिगड़ता जा रहा है। पुलिस ने कहा कि विस्फोट के लिए एक आतंकवादी संगठन को जिम्मेदार माना जा रहा है. जब तक कोई नई जानकारी नहीं मिल जाती है|

मैनचेस्टर विस्फोट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हमले से 'चिंतित' हूँ

प्रत्यक्षदर्शियो ने बताया कि 10:35pm के आसपास मैदान के पास से दो बड़े बैंग्स आ रहे थे, लेकिन इसमें कुछ और जानकारी दी गई थी। 22 वर्षीय कॉन्सर्टोजर माजिद खान ने ब्रिटेन के प्रेस एसोसिएशन से कहा, “एक विशाल बम की तरह धमाके से हम सभी डर गए और हम सभी मैदान से भागने की कोशिश कर रहे थे।” यह एक बैंग था और अनिवार्य रूप से मैदान के दूसरी तरफ से हर कोई जहां बैंग अचानक से सुना गया था हमारे पास चल रहा था क्योंकि वे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस ने लोगों को मैनचेस्टर एरिना के आसपास के इलाके से बचने की सलाह दी और एहतियात के लिए क्षेत्र के पास ट्रेन स्टेशन, विक्टोरिया स्टेशन, खाली कर दिया गया और सभी ट्रेन रद्द कर दी गईं।

सिर्फ 100 ग्राम भीगे हुए चने खाये और देखें ये आशचर्यजनक फायदें

रोजाना सिर्फ आपको भीगे हुए चने खाने है| इनमे फाइबर, प्रोटीन, मिनरल्स और विटामिन प्रचुर मात्रा में होते है| यह कई बीमारियों से बचने में तो सहायक होते ही है, साथ में हमें हेल्दी और निरोगी बनाने में भी सहायक होते है| विशेषज्ञों का मानना है कि वैसे तो चने सभी को खाने चाहिए. परन्तु पुरुषो के लिए यह अधिक फायदा पहुँचातें है|

भीगे हुए चने के क्या है फायदे

आपको ज्यादा कुछ नहीं करना, केवल एक मुट्ठी देशी काले चने ले| उन्हें अच्छी तरह से साफ कर ले| अब उन्हें मिटटी या चीनी के बर्तन में इस तरह भिगोएं कि पानी केवल थोड़ा ही ऊपर हो| बस चने भीग जाने चाहिए| सुबह उठकर खली पेट इन्हे खूब चबा-चबाकर खाएं| यदि आप इसका पानी भी पीते है, तो यह आपको दुगना फायदा पहुचायेगा|

100 ग्राम चने में होते है ये न्यूट्रिएंट्स

100 ग्राम चने में होते है ये न्यूट्रिएंट्स

न्यूट्रिएंट्स मात्रा क्या फायदा
कैलोरी 119 एनर्जी देता है
प्रोटीन 15 gm मसल्स बनता है
फाइबर 13 gm डाइजेशन सही रखता है
पोटेशियम 172 mg BP कंट्रोल करता है

– इन्हे रेगुलर खाने से कमजोरी दूर होती है| यह एनर्जी का बहुत बड़ा स्रोत है|
– सुबह शहद के साथ खाने से फर्टिलिटी भी बनती है|
– सुबह 1 चम्मच शक्कर के साथ खाने से स्पर्म कि संख्या में बढ़ोतरी होती है| जिससे यह पुरुषो के लिए फायदा की चीज है|
– भीगे चने में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिससे यह आपके डाइजेशन सिस्टम को सही रखता है|
– इन्हे गुड़ के साथ खाने से बार-बार यूरिन की प्रॉब्लम से मुक्ति मिलती है|
– इन्हे खाने से स्किन ग्लोइंग करती है| काफी सारी जैसे खुजली, रैशेज आदि स्किन प्रॉब्लम्स से मुक्ति मिलती है|
– यह शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाते है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से छुटकारा मिलता है|
– इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, जो शरीर में खून की कमी को दूर करता है|

गर्भवती महिलाओं के लिए चेतावनी, रखे इस तरह अपना ध्यान

गर्भवती महिलाये अक्सर अधिक विचलित रहती है| जिसके कारन वो कई बार ऐसा कर जाती है, जो उनके आने वाले शिशु के लिए घातक हो सकता है| गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में संक्रमण काफी आम है| अधिकतर महिलाये इन संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए सामान्य एंटीबायोटिक दवाओं का सहारा लेती हैं| शायद यही सामान्य सोच हैं, कि कोई भी एंटीबायोटिक मेडिसिन लेलो| उन्हें पता नहीं है कि ऐसा करने से गर्भपात होने की संभावना बढ़ सकती है।

गर्भवती महिलाओ की नादानी बन सकती है बड़ा अभिशाप

चेतावनी एक नए अध्ययन के माध्यम से आई है, जो कहती है कि गर्भधारण के शुरुआती चरणों में संक्रमण करने के लिए महिलाओं को आम एंटीबायोटिक दवाएं लेने से गर्भपात होने का खतरा दो गुना बढ़ सकता है। कनाडा में यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल के शोधकर्ताओं ने करीब 8,702 मामलों के आंकड़ों को देखा| जिनकी परिभाषा नैदानिक ​​रूप से मिली-जुली गर्भावस्था के रूप में हुई थी| जो 87,020 नियंत्रणों से मेल खाती थी। गर्भपात के समय की गर्भावस्था का मतलब 14 सप्ताह की गर्भावस्था से है। 11,018 (12.6 प्रतिशत) नियंत्रणों की तुलना में कुल 1,428 (16.4 प्रतिशत) मामलों में प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक दवाओं के संपर्क में थे। प्रतिभागी 15 और 45 वर्ष की आयु के बीच थे।

गर्भवती महिलाओ की नादानी बन सकती है बड़ा अभिशाप

शोधकर्ताओं ने पाया कि आम एंटीबायोटिक्स के कई वर्ग जैसे कि माक्रोलिड्स, क्विनोलोन्स, टेट्रराइक्लिन, सल्फोमामाइड और मेट्रोनिडाजोल, प्रारंभिक गर्भावस्था में गर्भपात के एक बढ़ते जोखिम से जुड़े थे। उन्होंने यह भी पाया कि जिन महिलाओं की गर्भपात हुई| वे अकेले रहते थे और कई स्वास्थ्य समस्याएं और संक्रमण से पीड़ित थे।

गर्भवती महिलाओं में मूत्र पथ के संक्रमण का इलाज करने के लिए अक्सर इरिथ्रोमाइसिन और नाइट्रोफुरैंटोइन का इस्तेमाल किया जाता है| जो अधिक जोखिम के साथ जुड़े नहीं है-शोधकर्ताओं ने कहा।

यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल से एनीक बेरर्ड ने कहा-यद्यपि संक्रमण का इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक का उपयोग अकाली जन्म के जोखिम में कमी और अन्य अध्ययनों में कम जन्म के वजन से जुड़ा हुआ है| हमारी जांच से पता चलता है कि कुछ प्रकार के एंटीबायोटिक दवाओं में सहज गर्भपात का खतरा बढ़ रहा है| जिसमें 60 प्रतिशत से दो गुना वृद्धि जोखिम है। यह अध्ययन कनाडा मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

खबरदार! वायु प्रदूषण आपको स्ट्रोक, दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ाता है

आजकल प्रदूषण के बढ़ते स्तर से स्ट्रोक (दिल का दौरा) पड़ने की सम्भावना बढ़ गयी है| इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रदूषण न केवल भारत में है| बल्कि दुनिया भर में प्रदूषण उच्च स्टार पर हो रहा है| प्रदूषण वाली हवाओ में हम दिन प्रतिदिन सांस ले रहे है, जो हमे धीरे-धीरे बीमारियों की और बढ़ा रही है|

रोज हवा में घुल रहा है विषाक्त प्रदूषण

हर नए दिन में हवा में एक विषाक्तता बढ़ जाती है| जो धीरे-धीरे वैश्विक आबादी पर खतरे के रडार को बढ़ा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के ने कई चेतावनियाँ जारी की है| वही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए कई सुझाव और युक्तियां दी हैं| वायु प्रदूषण लोगों के स्वस्थ जीवन जीने में बाधा बना हुआ है। श्वसन संबंधी समस्याएं, आंखों के संक्रमण, त्वचा और बाल समस्याएं, ये समस्याएं अंतहीन हैं| चिकित्सकों ने प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी मामलों में स्थिर वृद्धि का उल्लेख किया है।

वायु प्रदूषण आपको स्ट्रोक, दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ाता है

स्ट्रोक (दिल का दौरा) का प्रमुख कारण है वायु प्रदूषण

एक अध्ययन ने कहा है कि वायु प्रदूषण भी दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है। अध्ययन के अनुसार प्रदूषित हवा में छोटे कण फेफड़ों से हमारे खून में जा सकते हैं और दिल के दौरे या स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। वायु प्रदूषण में नैनोकणों को कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के साथ जोड़ा गया है| जिससे समय से पहले मौत हो सकती है। यूके में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ और नीदरलैंड में पर्यावरण सहित उन वैज्ञानिकों ने पाया है कि साँस नैनोकणों के द्वारा फेफड़े से खून की यात्रा करती हैं| जो संभावित रूप से वायु प्रदूषण और हृदय रोग के बीच के संबंध को समझाते हैं।

स्ट्रोक (दिल का दौरा) साबित करने के लिए किया गया अध्ययन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) का अनुमान है कि 2012 में बाह्य वायु प्रदूषण से संबंधित मौतों की लगभग 72 प्रतिशत मौत की वजह हृदय रोग और स्ट्रोक है। पल्मोनरी रोग, श्वसन संक्रमण और फेफड़ों के कैंसर अन्य 28 प्रतिशत से जुड़े थे। कई वैज्ञानिकों ने संदेह किया है कि ठीक कण फेफड़ों से खून में जाते है लेकिन इंसानों में इस धारणा को समर्थन देने वाले साक्ष्य एकत्र करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा हैं। एक अध्ययन नैनोकणों को चेक करने के लिए किया गया| अध्ययन में 14 स्वस्थ व्यक्तियों, 12 सर्जिकल रोगियों और कई माउस मॉडल ने सोने के नैनोकणों को एकत्रित किया| जो मेडिकल इमेजिंग और दवा वितरण में सुरक्षित रूप से उपयोग किए गए हैं। अध्ययन के तुरंत बाद रक्त और मूत्र में नैनोकणों का पता चला। महत्त्वपूर्ण रूप से नैनोकणों को सूजन वाले संवहनी स्थलों में अधिमान्य रूप से जमा हुआ पाया| जिनमें स्ट्रोक के जोखिम वाले रोगियों में धमनी सजीले टुकड़े शामिल थे।

निष्कर्ष बताते हैं कि नैनोकणों फेफड़ों से रक्तप्रवाह से यात्रा कर सकते हैं और कार्डियोवास्कुलर सिस्टम के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच सकते हैं| जहां वे संभवतः दिल का दौरा या स्ट्रोक की संभावना बढ़ा सकते हैं, शोधकर्ताओं के अनुसार।यह अध्ययन पत्रिका एसीएस नैनो में प्रकाशित किया गया था।

सुबह पेट साफ़ होने के लिए (कब्ज) घरेलु नुस्खे Home Remedies for Constipation in Hindi | kabj ke gharelu nuskhe

सुबह पेट साफ़ होने के लिए घरेलु नुस्खे (kabj ke gharelu nuskhe)

अगर आप भी सुबह खुल कर पेट साफ़ ना होने की समस्या से ग्रस्त हैं या फिर आपको कब्ज की शिकायत रहती है या यूँ कहें कि हाजत खुल कर नहीं आती तो यकीन मानिये आप धीरे धीरे बड़ी बीमारियों को अपने शरीर में आमंत्रण दे रहे हैं ! ऐसे में जरुरी है कि आप सुबह कुल कर शौच न आने की समस्या का तुरंत इलाज करें. बाज़ार में आने वाले लेक्सेटिव्स आपको फौरी रहत दे सकते हैं पर समस्या ख़त्म नहीं करते. आइये हम आपको पेट साफ करने के उपयोगी घरेलु नुस्खे (kabj ke gharelu nuskhe – Home Remedies for Constipation in Hindi) बताते हैं:

kabj ke gharelu nuskheनींद : क्या आप को इस बात का कभी एहसास हुआ है कि जिन दिनों आपकी नींद अच्छे से पूरी नहीं होती, उस दौरान आपका पेट भी अच्छे से साफ नहीं होता? इसका जवाब है कि आपको नियमित रूप से नींद पूरी करनी चाहिये।

मिर्च : बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन खाने से बचना चाहिये। इसकी जगह पर आपको साबुत मिर्च का सेवन करना चाहिये।

पानी : प्रतिदिन सुबह एक गिलास गुनगुना पानी अवश्य पिएं।

रेगुलर वर्कआउट : रेगुलर एक्‍सरसाइज़ करने से पाचन क्रिया हमेशा दुरुस्त बनी रहेगी। शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।

एलोवेरा : आप जैसे ही सुबह उठें, वैसे ही एक गिलास पानी में थोड़ा सा एलोवेरा का जैल मिक्स कर लें। इसे पीने से आपका पेट बिल्‍कुल ठीक रहेगा।

मुनक्का : मुनक्के में काफी सारा फाइबर और एंटीऑक्‍सीडेंट होता है। इसे जरुर खाएं जिससे पेट साफ रहे।

दही : दही आपके पेट को अच्‍छा बनाए रखने में मदद कर सकता है। दही को रात में खाएं जिससे सुबह पेट अच्‍छे से साफ हो जाए।

कॉफी कम पियें : कैफीन के अधिक सेवन से पेट की समस्‍या पैदा होती है, जिससे पेट सुबह अच्‍छे से साफ नहीं होता।

तनाव से रहें दूर : बहुत ज्‍यादा तनाव लेने से भी पेट की समस्या पैदा होती है। अगर पेट साफ ना हो तो तनाव से दूरी बना लें।

सेब : आपको सेब नियमित रूप से खाना चाहिये क्युकी इसमें एक प्रकार का तत्त्व पाया जाता है जो कि आपके पेट को सुबह अच्छे से साफ कर देगा।

Kabj ke gharelu nuskhe (10 Effective Home Remedies for Constipation in Hindi)

1-अलसी के बीज – इनमें भी फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए यह कब्ज जैसी बीमारी से राहत देता है। अच्छे रिज़ल्ट के लिए अलसी के बीज को आप सुबह कॉर्नफ्लेक्स के साथ मिलाकर खा सकते हैं या फिर मुट्ठी भर अलसी के बीज को गर्म पानी के साथ सुबह खा सकते हैं। फाइबर आपकी डाइट में ज़रूर होना चाहिए। इससे आप कब्ज जैसी परेशानी से दूर रहेंगे। अलसी के बीज कब्ज के साथ-साथ डायबिटीज़, हृदय रोग, मोटापे और कैंसर के खतरे को कम करता है।

2-त्रिफला पाउडर – त्रिफला पाउडर आवंला, हरीताकी और विभीताकी औषधियों के चूर्ण से बनता है। इससे पाचन क्रिया संतुलित रहती है और कब्ज जैसी दिक्कतों से राहत मिलती है। आप एक छोटे चम्मच त्रिफला पाउडर को गुनगुने पानी के साथ खा सकते हैं या शहद के साथ पाउडर मिक्स करके खा सकते हैं। इस मिक्सचर को रात में सोने से पहले या सुबह खाली पेट खाने से कब्ज में तुरंत राहत मिलती है। यह पूरी तरह से औषधियों से बना है, इसलिए यह एंटी-बायोटिक दवाइयों से कहीं बेहतर है।

3-किशमिश – किशमिश फाइबर से भरपूर होती है और नेचुरल जुलाब की तरह काम करती है। मुट्ठी भर किशमिश को रात भर पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इसे खाली पेट खाएं। गर्भवती महिलाओं को होने वाली कब्ज के लिए यह बिना किसी साइड इफेक्ट की दवा है। किशमिश एनर्जी बूस्टर की तरह होती है, इसलिए यह किसी भी प्रकार के एनर्जी ड्रिंक्स से बेहतर होती है।

4-अमरूद – अमरूद के गूदे और बीज में फाइबर की उचित मात्रा होती है। इसके सेवन से खाना जल्दी पच जाता है और एसिडिटी से राहत मिलती है। साथ ही, पेट भी साफ हो जाता है। अमरूद पेट के साथ-साथ शरीर के इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है, जिससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

5-नींबू का रस – अक्सर वैद्य कब्ज से तुरंत राहत दिलाने के लिए नींबू के रस लेने को कहते हैं। एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू और नमक मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं। इससे आंतों में से शरीर का बेकार तत्व साफ होता है। इसके लिए एक गिलास गर्म पानी में एक छोटा चम्मच नींबू का रस मिलाएं और फिर चुटकी भर नमक मिलाकर इस जूस को सुबह फ्रेश होने से पहले पिएं। इससे शरीर का टॉक्सिन भी बाहर हो जाते है।

6-अंजीर – अंजीर पका हो या सूखा, जुलाब की तरह काम करता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। कब्ज से राहत पाने के लिए एक गिलास दूध में अंजीर के कुछ टुकड़ों को उबालें और इसे रात को सोने से पहले पिएं। ध्यान रहे, गर्म दूध ही पिएं। साबुत अंजीर का सेवन मेडिकल शॉप में मिलने वाले कब्ज खत्म करने वाले सीरप से ज्यादा असरदार होता है।

7-अरंडी का तेल – अरंडी के तेल को सदियों से कब्ज से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कब्ज खत्म करने के साथ यह पेट के कीड़े भी नष्ट करता है। खाली अरंडी के तेल को पीने से बेहतर रहेगा कि आप इसे रात को सोने से पहले दूध में मिलाकर पिएं। एक चम्मच से ज़्यादा न डालें। इससे अगले दिन पेट साफ रहेगा।

8-पालक – पालक में पेट साफ करने, हानिकारक टॉक्सिन को आंतों से बाहर करने जैसे गुण होते हैं। इसलिए लगभग 100 मि.ली. पालक का जूस बराबर मात्रा में पानी के साथ मिलाकर दिन में दो बार पिएं। यह घरेलू उपाय पुराने कब्ज को भी दूर कर देता है।

9-संतरा – संतरा सिर्फ विटामिन सी का ही मुख्य स्रोत नहीं है, बल्कि इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। रोज सुबह-शाम एक-एक संतरा खाने से कब्ज जैसी बीमारी में राहत मिलती है।

10-बीजों का मिक्सचर – दो से तीन सूरजमुखी के बीजों को कुछ अलसी के बीज, तिल या सीसेम बीज और कसे हुए बादाम के साथ मिलाकर पाउडर बना लें। अब एक हफ्ते तक रोज एक बड़ा चम्मच इस मिक्सचर को खाएं। यह मिश्रण सिर्फ कब्ज की बीमारी को ही दूर नहीं करता, बल्कि आंतों की दीवार को पुनर्निमित करता है।

चिकुनगुनिया के इलाज के लिए घरेलू नुस्खे जो ऐलोपैथी से हैं बेहतर Chikungunya Gharelu Nuskhe

Home remedy for chikungunya (Gharelu Nuskhe) चिकुनगुनिया के इलाज के लिए घरेलू नुस्खे जो ऐलोपैथी से हैं बेहतर

चिकुनगुनिया एक तरह का वायरल बुखार है जो कि मच्छरों के काटने से फैलता है। चिकुनगुनिया अल्फावायरस के कारण होता है जो मच्छरों के काटने के दौरान मनुष्यों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। चिकुनगुनिया में जोड़ों में दर्द , सिर दर्द , उल्टी और जी मिचलाने के लक्षण उभर सकते हैं। चिकुनगुनिया के उपचार के लिए कुछ घरेलू नुस्खे हैं जिनका इस्तेमाल कर चिकुनगुनिया से खुद को बचाया जा सकता है।Home remedy for chikungunya Gharelu Nuskhe

  • तुलसी और अजवायन चिकुनगुनिया के उपचार के लिए अच्छी घरेलू औषधि हैं। उपचार के लिए अजवायन, किशमिश, तुलसी और नीम की सूखी पत्तियां लेकर एक गिलास पानी में उबाल लें। इस पेय को बिना छानें दिन में तीन बार पीना चाहिए। तुलसी का काढ़ा और उसकी पत्तियों को उबालकर पीने से राहत मिलती है।
  • पपीते की पत्तियां न सिर्फ डेंगू बल्कि चिकुनगुनिया में भी उतनी ही प्रभावी है। उपचार के लिए पपीते की पत्तियों से डंठल को अलग करें और केवल पत्ती को पीसकर उसका जूस निकाल लें। दो चम्मच जूस दिन में तीन बार लें।
  • लहसुन और सजवायन की फली चिकुनगुनिया के इलाज के लिए बहुत बढ़िया है। किसी भी तेल में लहसुन और सजवायन की फली मिलाकर तेल गरम करें और इस तेल से रोगी की मालिश करें। इससे रोग में काफी जल्दी राहत मिलती है।
  • कच्ची गाजर खाना भी चिकुनगुनिया के उपचार में बेहद फायदेमंद है। यह रोगी की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है साथ ही जोड़ों के दर्द से भी राहत देती है। लेकिन इन सभी घरेलू औषधियों का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक के देखरेख में ही किया जाना चाहिए।

Some more Home remedies for Chickengunya:

1. अंगूर और गाय का दूध
अंगूर को गाय के गुनगुने दूध के साथ लेने पर चिकुनगुनिया के वायरस मरते हैं लेकिन ध्यान रहे अंगूर बीजरहित हों.

2. तुलसी और अजवायन
तुलसी और अजवायन भी चिकुनगुनिया के उपचार के लिए बेहद अच्छी घरेलू औषधि हैं. उपचार के लिए अजवायन, किशमिश, तुलसी और नीम की सूखी पत्तियां को उबाल लें. इस पेय को बिना छानें दिन में तीन बार पीएं.

3. लौंग और लहसुन
दर्द वाले जोड़ों पर लहसुन को पीसकर उसमें लौंग का तेल मिलाकर, कपड़े की सहायता से जोड़ों पर बांध दें. इससे भी चिकुनगुनिया के मरीजों को जोड़ों के दर्द से आराम मिलेगा, और शरीर का तापमान भी नियंत्रित होगा.

4. पानी अधिक पिएं
पानी आपके शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। चिकनगुनिया होने पर आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में अगर आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी नहीं पिएंगे तो आपको डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण की समस्‍या हो सकती है, जो आपके लिए अच्‍छा नहीं होगा।

5. आराम करें
चिकनगुनिया के कारण आपका शरीर काफी थक जाता है। इससे शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। इस कमजोरी को दूर करने के लिए शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में आराम करना जरूरी होता है। आराम करने से आपकी मांसपेशियों को राहत मिलती है और उन्‍हें बीमारियों के दुष्‍प्रभाव से उबरने का पर्याप्‍त समय मिल जाता है।

6. चॉकलेट यानी मीठा इलाज
चिकनगुनिया होने पर इसका असर व्‍यक्ति के रक्‍तचाप पर भी पड़ता है। व्‍यक्ति का रक्‍तचाप कम होने से व्‍यक्ति का स्‍वभाव भी बिगड़ जाता है। इसके साथ ही उसे काफी पसीना आता है और वह काफी थका हुआ महसूस करता है। ऐसे में चॉकलेट खाने से उसे राहत मिलती है। चॉकलेट में मौजूद तत्‍व और ग्‍लूकोज शरीर में घुलकर व्‍यक्ति को आराम और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

7. दूध और डेयरी उत्‍पाद
दूध से बने उत्पाद, दूध-दही या अन्य। चीजों का सेवन भी खूब करना चाहिए।

8. नीम के पत्ते
नीम के पत्तों को पीस कर उसका रस निकालकर चिकनगुनिया से ग्रसित व्यक्ति को दें।

आशा है चिकनगुनिया के ये देसी घरेलु नुस्खे इस भयंकर दर्द वाले बुखार से आपको रहत दिलाने में सहायता करेंगे.

ढलती आयु में भी कैसे दिखें जवान और खूबसूरत ? badhti aayu mein sundar aur javan dikhne ke gharelu nuskhe

ढलती आयु में भी कैसे दिखें जवान और खूबसूरत ? badhti aayu mein sundar aur javan dikhne ke gharelu nuskhe

जापानी लोगों की संस्कृति बहुत पुरानी है और जापानी लोग भी स्वास्थ्या संबंधी कुछ ऐसे नुस्खे हज़ारों सालों प्रयोग करते आए हैं जिन्हें कोई भी अपनाए तो बहुत लाभ होगा. ऐसा ही एक जापानी घरेलू नुस्ख़ा है जो आयु बढ़ने पर सुंदर और जवान बने रहने के लिए कमाल के परिणाम दे सकता है (badhti aayu mein sundar aur javan dikhne ke gharelu nuskhe):badhti ayu mein sundar aur javan dikhne ke gharelu nuskhe

  • धूप, स्क्रब, स्विमिंग और स्टीम से बचना चाहिए।
  • धूप में जाने से पहले सनब्लॉक ज़रूर लगायें।
  • विटामिन सी से भरपूर फूड्स खाएं।
  • अधिक मात्रा में खट्टे फलों का सेवन करें।
  • सोते समय अर्बुटिन (arbutin) और लिकोरीस (licorice) युक्त क्रीम लगायें।

आप नीचे बताये गए उपचार भी ट्राई कर सकती 

स्किन लाइटिंग क्रीम- हाइड्रोक्युनन, कोजिक एसिड, एजेलिक एसिड, रेटिनोल आदि से युक्त ऑइंटमेंट का इस्तेमाल कर सकती हैं। लेकिन इनका उपयोग करने से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह ज़रूर लें

लेजर ट्रीटमेंट- क्यू स्विच, आईपीएल, फ्रैक्शनल आंशिक लेजर आदि लेजर ट्रीटमेंट से काले धब्बों को हल्का करने में मदद मिलती है।

केमिकल पिल्स- पिल्स से भी धब्बे कम करने में मदद मिलती है और स्किन पर चमक आती है। बाज़ार में ग्लाइकोलिक, मेंडेलिक, लैक्टिक आदि जैसे कई पिल्स उपलब्ध हैं। ये त्वचा की परतों की सतह छुटाने में मदद करते हैं। टीसीएस और फेनोल पिल्स मज़बूत होते हैं और ये त्वचा की परतों में अंदर तक घुस जाते हैं। इनका इस्तेमाल ज्यादा ख़राब त्वचा के लिए किया जाता है। पिल्स की ज़रुरत पिग्मेंटेशन को हल्का करने के लिए ज़रूरी होते हैं। स्ट्रोंगर पिल्स के डार्क स्किन पर साइड इफेक्ट्स पद सकते हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल एक ऐसे डर्मेटोलॉजिस्ट की देखरेख में किया जाना चाहिए, जिसे पिल्स का सही अनुभव हो। ये आम तौर पर क्रीम और ऑइंटमेंट के साथ स्किन प्रेप्पिंग के बाद किया जाता है।

कॉम्बिनेशन ट्रीटमेंट- 2 से 3 तरीकों का मेल पिग्मेंटेशन को कम करने में मदद करता है। इसलिए स्किन लाइटनिंग क्रीम ट्रीटमेंट के बाद आपका डॉक्टर आपको पिल्स और लेजर ट्रीटमेंट की सलाह दे सकता है

घरेलु नुस्खे जिनसे निखर सकता है आपका चेहरा chehre ka rang nikharne ke liye gharelu nuskhe

घरेलु नुस्खे जिनसे निखर सकता है आपका चेहरा chehre ka rang nikharne ke liye gharelu nuskhe

भले ही सांवला सलोना सौन्दर्य कविताओं और कहानियों में नारी की सुंदरता को बयान करने के लिए लिखा जाता रहा हो लेकिन अगर किसी भी युवती या महिला से आप बात करें तो उसके दिल की यही ख्वाहिश होती है की उसका रंग गोरा हो और चेहरे पर निखार आए जिसे पुरुष देखते ही आकर्षित हो जाएँ. चेहरे पर ऐसा निखार (glowing face) लाने के लिये बाजार में मिलने वाली कई प्रकार की क्रीमों का उपयोग करती है। जिससे त्वचा में निखार तो आ जाता है पर वो भी कुछ ही पलों के लिये होता है और बाद में चेहरा रूखा और बेजान लगने लगता है | हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बता रहे है जिससे आपकी त्वचा का निखार प्राकृतिक रूप से दमकेगा और इसमें पाया गया निखार कुछ पलों का नही बल्कि हमेशा यूं ही बना रहेगा। यहां पर हम आपको आपकी त्वचा में निखार लाने 7 घरेलू प्राकृतिक उपचार बता रहे है। जो आपको अच्छे परिणाम देगें (chehre ka rang nikharne ke liye gharelu nuskhe)

chehre ka rang nikharne ke liye gharelu nuskhe1. एप्पल मास्क-सेब का सेवन रोज करने से दिल की बीमारी जैसी समस्या दूर होती है इसका सेवन डॉ. के द्वारा भी रोज करने के लिये कहा जाता है। इसमें विटामिन ए एवं सी भरपूर होता है तथा इसमें कॉपर जैसे रासायनिक तत्व की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जो हमारी त्वचा के रंग को साफ कर चमक पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका फैसपैक तैयार करने के लिये सबसे पहले एक सेव का टुकड़ा लें इसें कच्चे दूध के साथ पीसकर इसमें नीबू का रस मिलाकर चेहरे का फैस पैक तैयार करें और इसे अपने चेहरे गर्दन पर लगाएं करीब 15 मिनट तक लगे रहने के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लो।

2. टमाटर जूस-टमाटर में त्वचा को साफ करने के अद्भुत गुण पाये जाते है यह त्वचा के टैन को कम कर त्वचा के रंग को साफ करता है। एंव बढ़ती उम्र को कम कर त्वचा की झुर्रियों को दूर करता है जिससे त्वचा सुंदर और जवान लगती है। इसमें विटामिन ए, सी, विटामिन के और एंटीआक्सीडेंट के गुण पाये जाते है जो त्वचा की देखभाल करने में सहायक होते है। एक पका हुआ टमाटर ले, उसका गूदा निकाल लें अब इसे पीसकर इसमें शहद और नीबू मिलाकर इसे अपने चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट तक लगे रहने दे जब सूख जाये तो ठंडे पानी से धो लों।

3. पपीता और ककड़ी मास्क-कच्चे पपीते से बना फेस पैक त्वचा के मलिनिकरण को दूर कर अच्छे टोनर का काम करता है। यह त्वचा में होने वाले दाग धब्बों को दूर कर चेहरे को चिकना और चमकदार बनाता है पुराने लोग इसका प्रयोग अपने स्वास्थ को ठीक करने के साथ साथ हमेशा जवां दिखने के लिये भी किया करते थे। ये चेहरे की झुर्रियों को कम कर उसमें खीचाव लाता है।

एक कटोरी में कच्चा पपीता और खीरे का रस निकाल कर रख लें और उसमें एक चम्मच शहद भी मिलाये इसे अपने चेहरे पर 15 मिनट के लिये लगा रहने दें। इसके बाद आप अपने चेहरे को धो ले थोड़ी ही देर बाद आपके इसके अच्छे परिणाम देखने को मिल जायेगें।

4. ऑरेंज जूस-संतरे के रस में भी विटामिन ए, सी और के साथ एंटीआक्सीडेंट के गुण पाये जाते है जो त्वचा की देखभाल करने में सहायक होते है और चेहरे पर आये दाग धब्बे को दूर कर कील मुहासों से चेहरे की रक्षा करते है।यह चेहरे में एक टोनर के रूप में काम करता है। चेहरे पर संतरे का रस लगाने के लिये इसे कटोरी में निकाल लें और रूई के साथ मिलाकर पूरे चेहरे पर लगाये करीब 10 मिनट लगाने के बाद आप अपने चेहरे को धो लें। इस प्रक्रिया को आप दो हप्ते तक दोहराये आपके चेहरे पर चमक फिर लौट कर आ जायेगी।

5. दही और हल्दी-दही में लैक्टिक एसिड उपस्थित होने के कारण यह हमारी त्वचा पर एक एजेंट के रूप में काम करता है। जिससे त्वचा बेहद नरम और चमकदार बनती है। इसके साथ ही इसमें विटामिन डी और प्रोटीन के साथ एंटीसेप्टिक के गुण होते है जो चेहरे के कील मुहासों को दूर कर चेहरे की चमक को बनाये रखता है।

एक कटोरी में दही लेकर उसमें 1 चम्मच हल्दी के साथ 3 बड़े चम्मच शहद का मिश्रण बनाकर फेस पैक तैयार करे, इसे अपने चेहरे पर लगाकर 19 मिनट के लिये छोड़ दे। इस प्रकार बना यह पैक चेहरे के कालेपन को दूर करता है और त्वचा की सफाई कर उसका रंग साफ करता है।

6. अनानस से बना फेस पैक-अनानस में विटामिन सी और एंटीऑक्‍सीडेंट के गुण पाये जाते है,जो इम्‍मयूनिटी बढता है, जो मृत कोशिकाओं को हटाकर नई स्‍किन दुबारा लाने का काम करता है। यह चेहरे में चमक लाता है एंव दाग धब्बों को कम कर चेहरा साफ करता है। ताजा अनानास के रस में 3 बड़े चम्मच मकई का आटा 1चम्मच गुलाब जल की कुछ बूँदें मिलाकर फैस पैक तैयार करें और इसे अपने चेहरे पर लगाये और 20 मिनट तक लगे रहने दें। इससे चेहरा साफ और सुंदर बनता है।

7. स्ट्रॉबेरी का फैस पैक-यह चेहरे में ब्‍लीचिंग एजेंट की तरह काम करता है। इसके अलावा इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, अमीनो एसिड और कैरोटीन के तत्व पाये जाते है जो चेहरे की झुर्रियों को कम कर त्वचा के रंग में सुधार लाने में मदद करता है। स्ट्रॉबेरी को एक चम्मच शहद के साथ अच्छी तरह से मैश कर लें। फिर इसे अपने चेहरे एवं गर्दन पर लगायें। 5 मिनट तक लगे रहने के बाद अपने चेहरे को धो लें।

त्रिफला है बाल झड़ने से रोकने का अचूक घरेलु नुस्खा Trifala Home remedy for hair loss

त्रिफला है बाल झड़ने से रोकने का अचूक घरेलु नुस्खा Trifala Home remedy for hair loss

बढ़ते प्रदूषण, उमर बढ़ने के साथ और कई बार हमारे भोजन में न्यूट्रिशन की कमी के कारण हमारे बाल झड़ने लगते हैं. बाज़ार में मिलने वाले शम्पू आदि में भी ऐसे कैमिकल्स होते हैं जो हमारे बालों को नुकसान पहुँचाते हैं और नतीजतन बाल झड़ते हैं. बालों का झड़ना, टूटना या फिर उसमें रूसी होना आज कल की सबसे आम समस्‍या बन चुकी है। बालों की समस्‍या दूर करने के लिये काफी लोग बाजार से मंहगे प्रॉडक्‍ट्स खरीदते हैं और हजारों रूपए डॉक्‍टर की फीस भरने में लगाते हैं। अगर बालों की सभी समस्‍या से निजात पाना है तो अभी से ही उसमें त्रिफला लगाना शुरु कर दें। त्रिफला का चूर्ण तीन जड़ी – बूटियों के मिश्रण से बनता है – सूखा आमला, हरीतकी और विभीतकी। हमने पहले भी आपके साथ त्रिफला के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के बारे में बात की थी, लेकिन आज हम आपको इसके सौंदर्य लाभों के बारे में बात करेंगे (Trifala Home remedy for hair loss):

trifala gharelu nuskhe for hair fall home remedy Trifala Home remedy for hair lossआज हम आपको बताएंगे कि त्रिफला लगाने से किस तरह से बाल झड़ने बंद हो जाते हैं और गंजापन दूर होता है। त्रिफला एक चमत्‍कारी आयुर्वेदिक दवा है इसलिये इसे तुरंत ही खरीद लें।

इस विधि से करें त्रिफला का प्रयोग एक कप पानी में लगभग 4 चम्‍मच त्रिफला का पावडर मिला लें। फिर इसे किसी पैन में पांच मिनट के लिये उबाल लें। फिर इसे ठंडा होने दें और इस पैक को अपने बालों में लगाएं। इसे हल्‍के हल्‍के से अपने सिर पर मालिश करें और 2 घंटे के लिये सूखने दें। इसके बाद अपने सिर को अच्‍छी प्रकार से धोइये और त्रिफला के पैक को साफ कर लीजिये। उसके बाद बालों में शैंपू कर के कंडीशनर लगाइये। अच्‍छा रिजल्‍ट पाने के लिये ऐसा हफ्ते में 2 बार करें। त्रिफला से रूसी और खुजली भी गायब हो जाएगी। बालों का झड़ना और टूटना भी कम होगा। बालों की चमक बढे़गी और वह मुलायम भी बनेंगे क्‍योंकि इसमें विटामिन सी होता है।

क्यों रखें बगलों और गुप्तांगों के बालों की सफाई का विशेष ध्यान?

क्यों रखें बगलों और गुप्तांगों के बालों की सफाई का विशेष ध्यान?

पुरुषों के चेहरे, बगलों, छाती और गुप्तांगों पर बाल होते हैं और पुरुष इन्हें लेकर चिंता में नहीं रहते बल्कि दाढ़ी-मूँछ इत्यादि को अक्सर बढ़ा कर भी रखते हैं. लेकिन महिलाएँ अपने चेहरे, बगलों और शरीर के अन्य भागों पर बालों से परेशान रहती हैं और इन्हें साफ करती रहती हैं. सामान्यतः महिलायों का यें मानना होता है कि गुप्तांगों या बगलों या फिर पुरे शरीर के बाल बेकार अर्थात् अवांछित होते है, विशेषकर जब बात फैशन की हो, परन्तु वास्तविकता कुछ और है, वास्तव में ये बाल हमारे कोमल अंगों की सुरक्षा का काम करते है. बगलों के बाल सर्दियों में उसके आस-पास की त्वचा को गर्मी प्रदान करते है. गर्मियों में बगल में पसीना अपेक्षाकृत ज्यादा आता है क्यूंकि पुरे दिन में हमारे द्वारा हाथ या बांह का प्रयोग/संचालन ज्यादा होता है. यें बाल पसीना सोखने का भी काम करते है. अत: ऐसा मानना गलत होगा कि हमारे शरीर पर इनका कोई उपयोग या काम नहीं है (bagalon aur guptangon ke balon ki safai).

bagalon aur guptangon ke balon ki safaiपसीने के कारण हाथों के आस-पास की त्वचा में दुर्गन्ध रम जाती है, जिससे ना केवल हमे बल्कि हमारे साथ रहने वालों को भी परेशानी होती है और सामने वाले पर हमारा अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता.  इसीलिए आवश्यक है कि रोजाना नहाते समय बगल को भी साबुन लगाकर अच्छे से साफ़ करें ताकि बगल में मैल व दुर्गन्ध बसी न रहे.

यदि गुप्तांग की बात की जाए तो यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि यहाँ की त्वचा कितनी कोमल होती है. गुप्तांग की नाजुकता व कोमलता किसी से छुपी नहीं है. यहाँ पर हलकी सी चोट लगने पर भी व्यक्ति के प्राणों पर बन आती है, अर्थात व्यक्ति के प्राण भी ले सकती है. इसलिए गुप्तांग की सुरक्षा के लिए ही प्रक्रति ने इस पर बालों की गद्दी बनाई है, जो हमारे गुप्तांगों की रक्षा करते है.  हाँ, गर्मियों के दिनों में पसीने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है, ऐसे में इस परेशानी के बचने के लिए आप इन बालों को साफ कर सकती है. परन्तु गुप्तांगो के बाल साफ करने के लिए आप हेयर रेमुविंग क्रीम का ही प्रयोग तो अधिक बेहतर होगा.

गर्मियों के मौसम में जब कभी आप बिना बाजू के ब्लाउज या कोई अन्य परिधान पहने तो इस बात का अवश्य ख्याल रखे कि बगलों के बाल साफ़ हों, फिर आप निसंकोच स्लीव लेस परिधान पहन सकती है, और तब ये आपकी फैशन व अभिरुचि का परिचय भी देगा.