स्‍व‍िटजरलैंड की पार्टी ने कहा- भ्रष्ट देश है भारत, कालधन का डाटा नहीं दे सकते

एक सवाल के जवाब में स्‍व‍िटजरलैंड की एसवीपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल्बर्ट रोस्टी ने कहा कि हम नहीं चाहते कि भ्रष्ट और अधिनायकवादी देशों को बैंकों का डाटा दिया जाए।
modi on china

स्विट्जरलैंड और भारत के बीच साल 2016 में एक करार हुआ था जिसके तहत दोनों देश टैक्स चोरी रोकने के लिए एक दूसरे के बैंक खातों की जानकारी साझा करेंगे। माना जाता है कि भारत के अधिकांश भ्रष्ट लोगों का पैसा स्विस बैंकों में जमा है. जिसपर बार बार यह मांग उठती रही है कि इन खाताधारकों की जानकारी शेयर की जाये ताकि सरकार इसपर एक्शन ले. वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी काला धन वालों पर सख्त कदम उठाने का वादा किया था. परन्तु स्विट्ज़रलैंड सरकार अगर यह कदम उठाती तो काले धन पर सरकार को बड़ी नाकामी हाथ लगेगी.

अत्याधिक भ्रष्ट और तानाशाही वाला देश है भारत

रिपोर्ट के अनुसार स्विस अखबार टैजेस-एंजीयर ने भारत समेत इन सभी देशों को “बहुत ज्यादा भ्रष्ट या फिर अर्ध-तानाशाही वाले देश” बताया है। रिपोर्ट के अनुसार एसवीपी ने दावा किया है कि स्विस संसद में भी उसे कई अन्य दलों का इस मुद्दे पर समर्थन प्राप्त है।

जानकारों का मानना है कि पनामा लीक के बाद भारत द्वारा दोषियों पर कोई कदम न उठा पाना भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है. लोगों को अंदेशा है कि काले धन पर दी गयी सूचना का प्रयोग दोषियों को सजा देने के बजाये ग्राहकों को धमकाने तथा अवैध वसूली करने में करेंगे.

एसवीपी ने पिछले हफ्ते एक लिस्ट जारी की है जिसमें भारत, अर्जेंटिना, ब्राजील, चीन, रूस, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, कोलंबिया, मेक्सिको, दक्षिण अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात को “भ्रष्ट देश” बताया गया है।

जेडीयू में फूट – खुल कर सामने आ गए हैं शरद यादव और नीतीश कुमार

पटना: आखिर जिस घटनाक्रम का बेताबी से इंतज़ार था वह घट ही गया. हम बात कर रहे हैं जेडीयू में फूट की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए का दामन थमने और शरद यादव के नाराज हो जाने के बाद जेडीयू में फूट पड़ना लाजिमी था और राजनीतिक गलियारों में इस खबर की प्रतीक्षा की जा रही थी कि कब ऐसा होगा.

sharad yadav nitish kumar rift jduशरद यादव द्वारा गैर-राजनीतिक मंच के बैनर तले बिहार यात्रा के बाद तो कयास लगाए जा रहे थे कि जेडीयू के एक रहने की पचि-खुची संभावनाएं भी समाप्त हो चुकी हैं. ऐसा ही हुआ. बिहार जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने 21 नेताओं को कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निकाल दिया। ऐसा होने की देर थी कि विरोधी खेमे (नीतीश कुमार खेमा) ने वशिष्ठ नारायण सिंह को ही पार्टी बाहर का रास्ता दिखा दिया। वशिष्ठ के अलावा पूर्व मंत्री रमई राम और पूर्व सांसद अर्जुन राय जैसे बड़े नाम भी पार्टी से निकाले गए नेताओं में शामिल हैं।

जेडीयू में शरद यादव का गुट लगातार बगावती तेवर अपनाये हुए है। शरद यादव का दावा है कि कई राज्य इकाइयां उनके साथ हैं जबकि पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को केवल बिहार इकाई का समर्थन हासिल है। यादव के करीबी सहयोगी अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के धड़े को 14 राज्य इकाइयों के अध्यक्षों का समर्थन प्राप्त है। शरद के धड़े में 2 राज्यसभा सांसद और पार्टी के कुछ राष्ट्रीय पदाधिकारी भी शामिल हैं। आप को बता दें कि नीतीश कुमार ने हाल ही में शरद यादव को जेडीयू महासचिव और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता पद से हटा दिया था।

नीतीश कुमार के एनडीए के साथ जाने के फैसले का खुला विरोध करने वाले सासंद अली अनवर अंसारी को भी पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है। इस फैसले से खुलेआम नाराजगी जाहिर करने वाले शरद यादव और नीतीश कुमार अब आमने-सामने की लड़ाई की तैयारी में नजर आ रहे हैं। नीतीश कुमार ने शरद यादव के संबंध में कहा था कि पार्टी अपना फैसला ले चुकी है, वह किसी भी कदम को उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। वहीं, शरद यादव ने भी नीतीश पर टिप्पणी की थी कि जेडीयू सिर्फ नीतीश कुमार की पार्टी नहीं है, यह मेरी भी पार्टी है।

आज़ादी 15 अगस्त को रात 12 बजे ही क्यों मिली

1945 में दूसरे विश्व युद्ध ने ब्रिटिश सरकार यानी अंग्रेज़ों की आर्थिक हालत इतनी ख़राब कर दी थी की उनके लिए अपना देश संभालना मुश्किल हो गया था. इधर गाँधी-नेहरू की कोशिशों का असर अवाम में दिखाई देने लगा था.अंगरेज़ों ने हार कर 1947 में लार्ड माउंटबैटन को भारत का आखिरी वाइसराय चुना, जिस पर भारत को आज़ादी दिलाने की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी गयी. लार्ड माउंबेटन ने आज़ादी की जंग का नेतृत्व करने वालों से बातचीत की और 03 जून 1948 की तारीख तय हो गई.

लार्ड माउंबेटन ने तय किया की भारत जून, 1948 में आज़ाद होगा. इस सिलसिले में वाइसराय ने भारतीय नेताओं से चर्चा भी की लेकिन सबसे बड़ी दुश्वारी मुहम्मद अली जिन्नाह और पंडित नेहरू के बीच जो तनाव था उसे लेकर बात नहीं बन पायी. पंडित नेहरू और जिन्नाह के इस तनाव के चलते जिन्नाह ने मुस्लिम लीग की मुसलामानों के लिए अलग देश की मांग का समर्थन कर दिया.अवाम जैसे ही ये खबर पहुंची तो देश के कई इलाक़ों में साम्प्रदायिक फसाद शुरू हो गए.

लार्ड माउंबेटन ने जल्द फैसला किया अब आज़ादी 1948 में नहीं 1947 में दी जाएगी.लार्ड माउंटबेन ने 15 अगस्त की तारीख़ तय की इसे वे शुभ मानते थे क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध में लार्ड माउंटबैटन अलाइड फ़ोर्सेज़ के कमांडर थे तब 15 अगस्त, 1945 को जापानी फ़ौज ने आत्मसमर्पण किया था.लार्ड माउंटबेटन की इस शुभ तारीख (15 अगस्त) का देश के ज्योतिषियों ने विरोध किया ये तिथि अशुभ है देश में अमंगल हो जाएगा. लेकिन वाइसराय 15 अगस्त को ही लेकर अड़े थे. ख़ैर, ज्योतिषियों ने कहा 14 और 15 अगस्त की रात 12 बजे का समय तय किया जाए क्योंकि अंग्रेज़ों के हिसाब से दिन 12 AM पर शुरू होता है.ज्योतिषियों ने पंडित नेहरू से कहा कि वे अपना भाषण अभिजीत मुहूर्त में 11:51 PM से 12:39 AM के बीच दें और रात 12 बजे ख़त्म दें.

खुलासा: मार्च में ही ख़त्म हो गया था ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट

पुष्पा सेल्स के मालिक प्रवीण मोदी ने मीडिया को बताया कि भाजपा की सरकार आने के बाद इस साल मार्च में ही ऑक्सीजन सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट पुष्पा सेल्स के साथ ख़त्म हो गया था. और योगी की भाजपा सरकार ने BRD कॉलेज की ऑक्सीजन सप्लाई का ठेका अल्लाहाबाद की इम्पीरियल गैस नमक कंपनी को दे दिया था.

child dead in gkp

यह भी सामने आया है कि सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन प्लांट के स्टाफ ने बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख को चिट्ठी लिख कर ऑक्सीजन के घटते स्टॉक के बारे में चेताया था. बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख को लिखी गयी चिट्ठी में उन्होंने साफ़ चेतावनी दी थी कि यदि ऑक्सीजन के घटते स्टॉक के बारे में यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो इससे भारी मात्रा में जनहानि भी हो सकती है.

हालाँकि इस चिट्टी का विभाग पर कोई असर नहीं हुआ और अंततः वही हुआ जिसकी आशंका सबको थी.

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं. कफील अहमद पर कार्यवाही करने के बाद क्या योगी क्षेत्र के DM पर एक्शन लेंगे? या फिर बार बार चिट्ठी लिखे जाने के बावजूद मंत्रालय की उदासीनता के लिए स्वस्थ्य मंत्री का स्तीफा लेंगे?

हालाँकि योगी सरकार ने मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं परन्तु जापानीज इंसेफेलाइटिस से मरने वाले बच्चों की संख्या बारिश के इस मौसम में बढ़ती ही जा रही है.

बच्चों की जान बचाने वाले डॉ कफील खान को योगी सरकार ने हटाया

गोरखपुर त्रासदी में जी जान से बच्चों की जान बचाने वाले डॉक्टर कफील खान पर योगी सरकार की गाज गिरी है. खबरों के मुताबिक़ कफील खान बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक्‍स विभाग के नोडल अफसर पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह डॉ महेश शर्मा को पीडियाट्रिक्‍स विभाग का नया नोडल अफसर नियुक्‍त किया गया है।

doctor kafeel khan

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर कफील खान ने ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाने के बाद अपनी तरफ से ऑक्सीजन के सिलेंडरों की व्यवस्था कराई थी और खुद ही रात भर बच्चों की देख भाल में लगे रहे थे. इसके लिए मीडिया और साथी डॉक्टर्स ने भी उनकी काफी प्रशंसा की थी.

आखिर क्यों लिया गया ऐसा फैसला

माना जा रहा है कि डॉक्टर कफील पर कार्यवाही उनके प्राइवेट प्रैक्टिस की वजह से हुई है. सूत्रों के अनुसार योगी सरकार ने डॉक्टर कफील के प्राइवेट प्रैक्टिस को इस त्रासदी में एक प्रमुख कारण माना है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है की इंसेफेलाइटिस से सबसे अधिक मौतें डॉक्टर कफील के वार्ड से ही हुई हैं.

टैंक हुए खराब, अंतर्राष्ट्रीय सैन्य प्रतियोगिता से भारत बाहर

रूस निर्मित T90 टैंकों में आयी खराबी ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय सैन्य प्रतियोगिता से बाहर कर दिया. रूस की राजधानी मास्को में अंतर्राष्ट्रीय टैंक बैथलॉन 2017 का आयोजन किया जा रहा है इस प्रतियोगिता में हर देश अपने दो टैंक ले कर शामिल होता है जबकि भारत के दोनों ही टैंक खराब हो गए. भारतीय सेना ने देसी अर्जुन टैंक की जगह रूस में निर्मित T90 टैंकों को प्राथमिकता दी थी.

russian t 90

एक अधिकारी ने कहा, ‘पहले टैंक की फैन बेल्ट टूट गई। इसके बाद रिजर्व टैंक को रेस में भेजा गया लेकिन सिर्फ दो किलोमीटर की दौड़ के बाद ही इसका पूरा इंजन ऑइल लीक हो गया। यह टैंक रेस पूरी ही नहीं कर पाया। बदकिस्मती से भारतीय टीम डिस्क्वॉलिफाइ हो गई।’

ये देश पहुंचे सेमीफइनल में

चीन इस प्रतियोगिता में टाइप-96बी टैंकों से साथ उतरा है। इस टैंक में दौड़ते समय भी दुश्मन के टैंक पर मशीन गनों से फायर करने और अन्य कई खूबियां हैं। वहीं रूस और कजाखस्तान टी-72बी3 टैंकों के साथ इस प्रतियोगिता में उतरे। वहीं बेलारूस के पास टी-72 टैंकों का आधुनिक रूप है। ये चारों देश अब फाइनल में भिड़ेंगे।

डीआरडीओ इस बात को लेकर नाराज है कि सेना ने अभी तक अर्जुन मार्कII का ऑर्डर नहीं दिया है। डीआरडीओ का कहना है कि मार्कII ने 2010 में हुए प्रतिस्पर्धी ट्रायल में टी-90एस टैंकों से बेहतर प्रदर्शन किया था।

योगी ने कहा किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जाएगा

मासूमों की मौत पर 28 घंटे बाद योगी ने तोड़ी चुप्पी

लखनऊ. गोरखपुर में बाबा राघोदास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 33 मासूमों की मौत से परेशान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम अपनी चुप्पी तोड़ी तो उसमें अपनी गलती मानने के बजाए आंकड़ों की बाज़ीगरी दिखाई.योगी ने बताया कि – 7 अगस्त को कुल 9 मौतें,- 8 अगस्त को कुल 12 मौतें,- 9 अगस्त को कुल 9 मौतें,- 10 अगस्त को 23 मौतें,- 11 अगस्त को कुल 11 मौतें हुईं. योगी ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।घटना के बाद विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए इसके लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने घटना की समीक्षा के लिए अपने नेताओं को गोरखपुर भेजा है.
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल निलंबित
गोरखपुर के बाबा राघोदास मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का ऐलान किया है। डीलर के मुताबिक उसने एक अगस्त को प्रिंसिपल भुगतान के लिए पत्र लिखा था। उसकी नकल चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को लखनउ भी भेजी गई थी।

फरिश्ता,मसीहा बन की डॉ.कफील अहमद ने मदद
इंसेफ्लाइटिस वार्ड प्रभारी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है। दरअसल गुरुवार रात करीब दो बजे उन्हें सूचना मिली कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। आनन-फानन में वह अपने दोस्त डॉक्टर के पास पहुंचे और ऑक्सीजन तीन सिलेंडर अपनी कार में लेकर शुक्रवार की रात तीन बजे सीधे बीआरडी अस्पताल पहुंचे। तीन सिलेंडर बाल रोग विभाग में लगभग 15 मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकी। रात भर काम चल पाया है, लेकिन सुबह सात बजे ऑक्सीजन खत्म होते ही एक बार फिर स्थिति अधिक खराब हो गई।

पूरे विश्व में भारत की थू थू हो रही है पर मोदी जी चुप क्यों हैं?

गोरखपुर में पिछले 24 घंटों में 30 बच्चों के मारे जाने पर सोशल मीडिया पर संग्राम छिड़ गया है. लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर जम कर लताड़ लगाई है.

आपको बता दें कि गोरखपुर में BRD हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की सप्लाई ख़त्म हो जाने पर 30 बच्चों की अचानक मौत हो गयी जिसके बाद देश भर में हाहाकार मच गया.

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विदेशी मीडिया ने भी इस मुद्दे पर पूरी कवरेज दी है जिससे विदेशों में भी भारत की छवि खराब हो रही है.

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सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि हर छोटी बात पर ट्वीट करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने 30 बच्चों की मौत पर संवेदना तक प्रकट करने की जहमत नहीं उठायी.

एक फेसबुक यूजर के अनुसार “पुर्तगाल में जंगल में लगी आग पर मरे लोगों पर प्रधानमंत्री बोल सकते हैं. रूस में विमान हादसा होने पर प्रधानमंत्री संवेदना प्रकट करते हैं पर गोरखपुर में 60 से अधिक बच्चे मारे गए पर प्रधानमंत्री ने एक्शन तो दूर, दो शब्द भी कहना ठीक नहीं समझा.”

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ट्विटर पर विशाल नाम के एक यूजर ने लिखा है “आपने उत्तरप्रदेश में शमशान और कब्रिस्तान के नाम पर विजय पायी और अब उत्तरप्रदेश को शमशान बना दिया है.”

एक अन्य यूजर ने लिखा है “जब गाय ऑक्सीजन छोड़ती है तो फिर ऑक्सीजन खरीदने की क्या जरूरत थी? योगी ने गायों की तैनाती क्यों नहीं की?”

 

नीतीश होंगे एनडीए के सहसंयोजक?

दिल्ली:भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर उन्हें एनडीए का सहसंयोजक बनाने का न्योता दिया है. यानी जेडीयू एनडीए में शामिल होने की तैयारी में है. जेडीयू की 19 अगस्त को होने वाली बैठक में पार्टी एनडीए में शामिल होने पर फैसला ले सकती है. कहा जा रहा है कि बिहार में एनडीए के लिए भूपेंद्र यादव को समन्वयक बना सकते है.राज्यसभा में जदयू के सांसद शरद यादव ने भाजपा के साथ गठजोड़ का विरोध किया है, लेकिन उन्हें पार्टी के अन्य सांसदों से प्रत्यक्ष तौर पर समर्थन नहीं मिल रहा है. ज़्यादातर विधायक-सांसद नीतीश के ही साथ हैं .

राज्यसभा में शरद यादव नहीं होंगे जदयू संसदीय दल के नेता


दिल्ली.जनता दल (यूनाइटेड) में दो खेमे बन चुके हैं. नीतीश और शरद यादव के बीच दूरियां बढ़ चुकी हैं और कभी भी कुछ भी हो सकता है.सूत्रों की माने तो शरद यादव इस कवायद में लगे हैं कि कैसे नीतीश-भाजपा की सरकार को गिराया जाए. अली अनवर को जदयू के संसदीय दल से निलंबति करने के बाद शरद यादव की भी बिदाई तय हो चुकी है। उन्हें राज्यसभा के संसदीय दल के नेता पद से हटा कर उनकी जगह आरसीपी सिंह को जदयू संसदीय दल का नया नेता बना दिया है.जदयू के सभी सांसद राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मिले हैं और उन्हें सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाली चिठ्ठी भी दे दी है। ऐसे में शरद यादव का पद सुरक्षित नहीं है.