मंदसौर में किसानों पर गोलियां चलवाना पड़ा महंगा- भाजपा की करारी हार

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के बाद हुए नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारा झटका लगा है. दो नगर परिषद के तीन वार्डों में भाजपा को करारी शिकस्त मिली है. तीनों जगहों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है.

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मंदसौर जिले की शामगढ़ नगर पंचायत में दो वार्डों और गरोठ पंचायत में एक वार्ड के उपचुनाव के लिए 11 अगस्त को मतदान हुआ था. पांच दिन बाद हुई मतगणना में भाजपा को बुरी तरह शिकस्त का सामना करना पड़ा है.

शामगढ़ नगर पंचायत के दो वार्डों के चुनाव में कांग्रेस के गोपाल पटेल और निलेश संघवी ने जीत हासिल की. वहीं गरोठ के वार्ड नंबर 9 के उपचुनाव में भी कांग्रेस की संगीता चंदेल ने भाजपा उम्मीदवार को शिकस्त दी.

शामगढ़ और गरोठ दोनों जगहों पर भाजपा की परिषद होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत को किसान आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि किसान आंदोलन के दौरान सरकार और भाजपा के खिलाफ नाराजगी के चलते भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है.

हालांकि, भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि छोटे से चुनाव को किसान आंदोलन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. वहीं, कांग्रेस के नेता इस जीत से बेहद उत्साहित दिखे.

गोरखपुर त्रासदी: इस्तीफा मांगने पर बोले अमित शाह, पहली बार ऐसा हादसा नहीं हुआ है

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गोरखपुर हादसे के बाद एक विवादित बयान दे दिया है. कांग्रेस द्वारा योगी के इस्तीफा पर जब उनसे सवाल किया गया तब श्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस का काम ही है इस्तीफा मांगना, इतने बड़े देश में बहुत से हादसे हुए हैं, पहली बार ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ.

योगी आदित्यनाथ का बचाव करते हुए अमित शाह ने कहा “हम कांग्रेस कि तरह बिना जांच के गलती किसी पर नहीं थोपते. योगी जी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और नतीजे आने पर हम कार्यवाही करेंगे. योगी जी ने टाइम बाउंड जांच रखा है. ये हादसा है, ये गलती है. हम गरीबों के लिए काम करते रहेंगे.”

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अमित शाह के इस बयान से बाद घमासान मचना तय है. सोशल मीडिया पर उनके बयान पर लोग बिफर पड़े हैं. एक ट्विटर यूजर के अनुसार- हादसे पहली बार नहीं हो रहे परन्तु जिमेदारी तो तय होनी चाहिए. ऐसे बेशर्मी से बयान देना भाजपा अध्यक्ष का घमंड दिखाता है.

आपको बता दें कि पिछले दिनों गोरखपुर में ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो जाने के बाद एक साथ ३० से अधिक बच्चों कि मृत्यु हो गयी. जापानीज इंसेफेलाइटिस से लगातार हो रही इन मौतों पर अमित शाह से सवाल पूछे जा रहे थे जिसके जवाब पर उन्होंने यह बयान दिया.

स्‍व‍िटजरलैंड की पार्टी ने कहा- भ्रष्ट देश है भारत, कालधन का डाटा नहीं दे सकते

एक सवाल के जवाब में स्‍व‍िटजरलैंड की एसवीपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एल्बर्ट रोस्टी ने कहा कि हम नहीं चाहते कि भ्रष्ट और अधिनायकवादी देशों को बैंकों का डाटा दिया जाए।
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स्विट्जरलैंड और भारत के बीच साल 2016 में एक करार हुआ था जिसके तहत दोनों देश टैक्स चोरी रोकने के लिए एक दूसरे के बैंक खातों की जानकारी साझा करेंगे। माना जाता है कि भारत के अधिकांश भ्रष्ट लोगों का पैसा स्विस बैंकों में जमा है. जिसपर बार बार यह मांग उठती रही है कि इन खाताधारकों की जानकारी शेयर की जाये ताकि सरकार इसपर एक्शन ले. वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी काला धन वालों पर सख्त कदम उठाने का वादा किया था. परन्तु स्विट्ज़रलैंड सरकार अगर यह कदम उठाती तो काले धन पर सरकार को बड़ी नाकामी हाथ लगेगी.

अत्याधिक भ्रष्ट और तानाशाही वाला देश है भारत

रिपोर्ट के अनुसार स्विस अखबार टैजेस-एंजीयर ने भारत समेत इन सभी देशों को “बहुत ज्यादा भ्रष्ट या फिर अर्ध-तानाशाही वाले देश” बताया है। रिपोर्ट के अनुसार एसवीपी ने दावा किया है कि स्विस संसद में भी उसे कई अन्य दलों का इस मुद्दे पर समर्थन प्राप्त है।

जानकारों का मानना है कि पनामा लीक के बाद भारत द्वारा दोषियों पर कोई कदम न उठा पाना भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है. लोगों को अंदेशा है कि काले धन पर दी गयी सूचना का प्रयोग दोषियों को सजा देने के बजाये ग्राहकों को धमकाने तथा अवैध वसूली करने में करेंगे.

एसवीपी ने पिछले हफ्ते एक लिस्ट जारी की है जिसमें भारत, अर्जेंटिना, ब्राजील, चीन, रूस, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, कोलंबिया, मेक्सिको, दक्षिण अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात को “भ्रष्ट देश” बताया गया है।

आज़ादी 15 अगस्त को रात 12 बजे ही क्यों मिली

1945 में दूसरे विश्व युद्ध ने ब्रिटिश सरकार यानी अंग्रेज़ों की आर्थिक हालत इतनी ख़राब कर दी थी की उनके लिए अपना देश संभालना मुश्किल हो गया था. इधर गाँधी-नेहरू की कोशिशों का असर अवाम में दिखाई देने लगा था.अंगरेज़ों ने हार कर 1947 में लार्ड माउंटबैटन को भारत का आखिरी वाइसराय चुना, जिस पर भारत को आज़ादी दिलाने की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी गयी. लार्ड माउंबेटन ने आज़ादी की जंग का नेतृत्व करने वालों से बातचीत की और 03 जून 1948 की तारीख तय हो गई.

लार्ड माउंबेटन ने तय किया की भारत जून, 1948 में आज़ाद होगा. इस सिलसिले में वाइसराय ने भारतीय नेताओं से चर्चा भी की लेकिन सबसे बड़ी दुश्वारी मुहम्मद अली जिन्नाह और पंडित नेहरू के बीच जो तनाव था उसे लेकर बात नहीं बन पायी. पंडित नेहरू और जिन्नाह के इस तनाव के चलते जिन्नाह ने मुस्लिम लीग की मुसलामानों के लिए अलग देश की मांग का समर्थन कर दिया.अवाम जैसे ही ये खबर पहुंची तो देश के कई इलाक़ों में साम्प्रदायिक फसाद शुरू हो गए.

लार्ड माउंबेटन ने जल्द फैसला किया अब आज़ादी 1948 में नहीं 1947 में दी जाएगी.लार्ड माउंटबेन ने 15 अगस्त की तारीख़ तय की इसे वे शुभ मानते थे क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध में लार्ड माउंटबैटन अलाइड फ़ोर्सेज़ के कमांडर थे तब 15 अगस्त, 1945 को जापानी फ़ौज ने आत्मसमर्पण किया था.लार्ड माउंटबेटन की इस शुभ तारीख (15 अगस्त) का देश के ज्योतिषियों ने विरोध किया ये तिथि अशुभ है देश में अमंगल हो जाएगा. लेकिन वाइसराय 15 अगस्त को ही लेकर अड़े थे. ख़ैर, ज्योतिषियों ने कहा 14 और 15 अगस्त की रात 12 बजे का समय तय किया जाए क्योंकि अंग्रेज़ों के हिसाब से दिन 12 AM पर शुरू होता है.ज्योतिषियों ने पंडित नेहरू से कहा कि वे अपना भाषण अभिजीत मुहूर्त में 11:51 PM से 12:39 AM के बीच दें और रात 12 बजे ख़त्म दें.

टैंक हुए खराब, अंतर्राष्ट्रीय सैन्य प्रतियोगिता से भारत बाहर

रूस निर्मित T90 टैंकों में आयी खराबी ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय सैन्य प्रतियोगिता से बाहर कर दिया. रूस की राजधानी मास्को में अंतर्राष्ट्रीय टैंक बैथलॉन 2017 का आयोजन किया जा रहा है इस प्रतियोगिता में हर देश अपने दो टैंक ले कर शामिल होता है जबकि भारत के दोनों ही टैंक खराब हो गए. भारतीय सेना ने देसी अर्जुन टैंक की जगह रूस में निर्मित T90 टैंकों को प्राथमिकता दी थी.

russian t 90

एक अधिकारी ने कहा, ‘पहले टैंक की फैन बेल्ट टूट गई। इसके बाद रिजर्व टैंक को रेस में भेजा गया लेकिन सिर्फ दो किलोमीटर की दौड़ के बाद ही इसका पूरा इंजन ऑइल लीक हो गया। यह टैंक रेस पूरी ही नहीं कर पाया। बदकिस्मती से भारतीय टीम डिस्क्वॉलिफाइ हो गई।’

ये देश पहुंचे सेमीफइनल में

चीन इस प्रतियोगिता में टाइप-96बी टैंकों से साथ उतरा है। इस टैंक में दौड़ते समय भी दुश्मन के टैंक पर मशीन गनों से फायर करने और अन्य कई खूबियां हैं। वहीं रूस और कजाखस्तान टी-72बी3 टैंकों के साथ इस प्रतियोगिता में उतरे। वहीं बेलारूस के पास टी-72 टैंकों का आधुनिक रूप है। ये चारों देश अब फाइनल में भिड़ेंगे।

डीआरडीओ इस बात को लेकर नाराज है कि सेना ने अभी तक अर्जुन मार्कII का ऑर्डर नहीं दिया है। डीआरडीओ का कहना है कि मार्कII ने 2010 में हुए प्रतिस्पर्धी ट्रायल में टी-90एस टैंकों से बेहतर प्रदर्शन किया था।

योगी के गोरखपुर में पिछले 5 दिनों में 60 मौतें, पर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?

योगी के सांसदीय क्षेत्र गोरखपुर में पिछले 5 दिनों में 60 लोगों की मौतें हो चुकी हैं और अस्पताल प्रशासन अपनी नाकामी छुपाने में लगा हुआ है. आपको बता दें की पिछली रात को ही आक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाने से 30 बच्चों की मृत्यु हो गयी. जबकि अस्पताल प्रशासन इस पूरे घटना को दिमागी बुखार बता कर कन्नी काट रहा है.

child dead in gorakhpur

आपको बता दें कि गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में पिछली रात को अचानक से 30 बच्चों की मौत हो गयी. जिसकी वजह अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई का अचानक ख़त्म हो जाना बताया जा रहा है.

लोगों की मानें तो अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई ख़त्म हो गयी थी जिसकी वजह वेंडर की पेमेंट का न होना था. बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाले वेंडर को 70 लाख रूपए की पेमेंट नहीं की गयी थी जिसकी वजह से सप्लाई काट दी गयी और ऐसा हादसा हुआ.

ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाले पुष्पा सेल्स के दीपांकर शर्मा ने बताया की अस्पताल प्रशासन को कई बार बकाया पूरा करने की नोटिस दी गयी. कंपनी की शर्तों के अनुसार बकाया 10 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए जबकि अस्पताल प्रशासन ने 68,58,596 रूपए का बकाया रोक कर रखा हुआ था . बार बार कहने पर जब कार्यवाही नहीं हुई तब कंपनी ने ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी.

परन्तु जब ऑक्सीजन की कमी से एक एक कर के बच्चों की मृत्यु की खबर आने लगी तब अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और आनन् फानन में कंपनी को 22 लाख का चेक जारी किया गया जिसके बाद कंपनी ने ऑक्सीजन टैंकर भेजने की बात कही है.

हालाँकि आपको बता दें की BD हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की सप्लाई काटने की यह पहली खबर नहीं है. इससे पहले भी अप्रैल में भी ऐसी ही घटना हो चुकी है जब बकाया 50 लाख से अधिक पहुँचने पर ऑक्सीजन की सप्लाई काट दी गयी थी.

 

मेवात के भरतपुर में भीड़ ने मोहम्मद हफ़ीज़ को बुरी तरह पीटा

मेवात के भरतपुर में भीड़ ने मोहम्मद हफ़ीज़ को बुरी तरह पीटा . उन पर एक महिला की चुटिया काटने का आरोप था. इस पर आक्रोशित भीड़ ने उन्हें बुरी तरह पीटा.

अभी तक इस मामले में किसी गिरफ़्तारी की खबर नहीं है. खबर की पुष्टि अभी तक नहीं हो पायी है. जानकारी का इन्तजार है

भीड़तंत्र द्वारा बढ़ती हत्याओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिंता जाहिर की थी. उन्होंने गौ रक्षा के नाम पर बढ़ रहे आतंकवाद को रोकने के लिए लोगों से अपील भी की थी. परन्तु लगातार हो रही इन घटनाओं से यह साफ़ सन्देश दिया जा रहा है कि प्रशासन इस मामले में अपनी भूमिका निभाने में अबतक नाकाम रहा है.

देश के 14वें राष्ट्रपति ने शपथ ली


राष्ट्रपति कोविंद ने कहा हर नागरिक राष्ट्र निर्माता है

दिल्ली.नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने आज भारत के 14वें राष्ट्रपति के रुप में शपथ ली. इससे पहले आज शपथ ग्रहण से पहले कोविंद ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी इस दौरान उनकी पत्नी भी मौजूद थीं.सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस खेहर संसद के केंद्रीय हाल में उन्हें शपथ दिलाई.शपथ के बाद प्रणव मुखर्जी अपनी कुर्सी से उठे और रामनाथ कोविंद को अपनी कुर्सी पर बैठाया.प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, स्पीकर सुमित्रा महाजन, पीएम नरेंद्र मोदी सहित मंत्रिमंडल और सांसदों के साथ गणमान्य लोगों की मौजूदगी में ये शपथग्रहण समारोह संपन्न हुआ.
इससे पहले, कोविंद ने मुखर्जी से राष्ट्रपति भवन के स्टडी रूम में मिले. मुखर्जी ने गुलदस्ता देकर कोविंद का स्वागत किया. राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले कोविंद राजघाट भी गए. उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. उनके साथ पत्नी भी थीं। कोविंद के परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए संसद भवन पहुंचे.
शपथ ग्रहण के बाद नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भाषण हिंदी में दिया. उन्होंने सेंट्रल हॉल में आने के बाद कहा उनकी सभी यादें ताजा हो गईं। कोविंद ने अपनी शुरुआती जिंदगी की चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह मिट्टी के घरों में पले हैं। कोविंद ने कहा कि खेतों में काम करने वाली महिलाएं, किसान, वैज्ञानिक, स्टार्टअप कारोबारी से लेकर सुरक्षाबलों तक राष्ट्र निर्माता हैं। राष्ट्रनिर्माण अकेले सरकारों द्वारा नहीं किया जा सकता है. हमें भारत की संस्कृति, परंपरा एवं अध्यात्म पर गर्व है. देश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माता है. देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र बल राष्ट्र निर्माता है. किसान, वैज्ञानिक राष्ट्रनिर्माता है. नर्स-डॉक्टर नौजवान राष्ट्रनिर्माता है.

 

सुषमा स्वराज ने पाकिस्तानी मासूम को दीं धड़कनें

भारतीय इंसानियत का क़द ऊंचा हुआ

परवीन अर्शी

नई दिल्ली। चार महीने के पाकिस्तानी बच्चे रोहन को नहीं पते उसके दिल में जो धड़क रही हैं उन धड़कनों में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की कोशिशों का नेक जज़्बा है. इस जज़्बे को सलाम करने दोनों मुल्कों के करोड़ों हाथ भी दुआएं करें तो अक़ीदत कम नहीं होगी. बहरहाल नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में पाकिस्तान के एक बच्चे के दिल का सफल ऑपरेशन हुआ है. बच्चे के दिल में मल्टिपल सुराख़ थे और जो काफ़ी बड़े थे लेकिन हिंदुस्तानी डॉक्टरों ने अपनी जी तोड़ कोशिशों से मासूम रोहन को ज़िंदगी अता कर भारतीय इंसानियत का क़द ऊंचा किया है.

सुषमा ने दिलाया मेडिकल वीजा
सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद रोहन के परिवार को इलाज के लिए वीजा मिला था। मंगलवार को जब स्वस्थ बच्चे को डिस्चार्ज किया गया तो पिता कँवल सिद्दीक़ी रो पड़े। उन्होंने कहा अपने बच्चे को ठीक करने के लिए यूएई के कई बड़े अस्पतालों में चक्कर लगाए थे,लेकिन भारत में आकर बच्चे को नई जिंदगी मिल गई। रोहन के पिता कँवल सिद्दीकी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से पाकिस्तानियों के लिए मेडिकल वीजा सुविधा को आसान करने की गुजारिश की ताकि आसानी से किसी जरुरतमंद का इलाज हो सके।
बच्चे के दिल में बड़े सुराख़ थे
चार महीने के पाकिस्तानी बच्चे रोहन के दिल में छेद था, जिसका पाकिस्तान के अस्पतालों में इलाज संभव नहीं हो पा रहा था। इसके बाद रोहन के परिजनों ने भारत में इलाज कराने का मन बनाया, लेकिन इन दिनों दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव की वजह से रोहन को वीजा मिलने में मुश्किल हो रही थी।परिजनों ने सुषमा स्वराज से ट्विटर के जरिए संपर्क साधा तो उन्होंने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए रोहन का भारत आने का इंतजाम करा दिया। इसके बाद जेपी अस्पताल के पीडियाट्रिक कार्डियेक सर्जन डॉ. राजेश शर्मा ने रोहन के दिल का ऑपरेशन किया।
पिता ने नम आँखों से दी दुआ भावुक पिता कँवल सिद्दीक़ी ने अपनी नम आँखों से दुआ देते हुए कहा कि मेरे बच्चे का दिल भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की वजह से धड़क रहा है। उन्होंने हिंदुस्तान और हिंदुस्तान की विदेश मंत्री दोनों का शुक्रिया अदा किया। कंवल ने भारत का शुक्रिया अदा किया और कहा कि भले ही लोगों के मन में गलत धारणा हो लेकिन भारत और पाकिस्तान के लोग एक दूसरे के बारे में अच्छा ही सोचते हैं.
डॉक्टरों की कोशिश रंग लाई
दिल्ली के हार्ट स्पेशलिस्ट आशुतोष मारवाह का कहना है कि रोहन का इलाज आसान नहीं था, उसके दिल में मल्टिपल कई सुराख़ थे और जो साइज़ में काफ़ी बड़े भी थे लेकिन हमारी डॉक्टरों की टीम ने पूरी मेहनत इलाज किया. इसके बाद आज रोहन की स्थिति पूरी तरह से दुरुस्त है. वह पूरे तौर पर स्वस्थ है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट- मोदीराज में धीमी हो गयी है भारत की अर्थव्यवस्था,नौकरियां गायब

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने सम्पादकीय में नरेंद्र मोदी और उनकी भाजपा सरकार पर कड़ा कटाक्ष किया है. इस लेख में मोदी सरकार के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये गए हैं तथा भारत की बिगड़ती हालत की ओर भी ध्यान दिलाया गया है.

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अखबार ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी 2014 में बड़े बड़े वादे कर के सत्ता में आये परन्तु भारत कि अर्थव्यवस्था को वो गति देने में नाकाम रहे. भहारतीय अर्थव्यवस्था 2014 के मुकाबले सुस्त पड़ती दिखाई दे रही है.भारतीयों को सुनहरे भविष्य के सपने दिखने वाले मोदी अबतक रोजगार पैदा करने में भी ज्यादा सफल नहीं हो पाए हैं.

अखबार के मुताबिक नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रोथ काफी धीमी रही और नौकरियों को लेकर ध्यान नहीं दिया गया। उनके राज में असहिष्णुता फैलाई गई, जो धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के लिए खतरा है। जब से मोदी ने कार्यभार संभाल, तब से गौमांस के सेवन करने का आरोप लगाकर लोगों का मारा गया, जिनमें से अधिकतर मुस्लिम हैं।

आपको बता दें कि पिछले महीने इसी अखबार ने योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाते हुए उनके संगठन युवा वाहिनी को आतंकी संगठन कह डाला था.पिछले सप्ताह छापे सम्पादकीय में योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाते हुए अखबार ने लिखा था कि योगी ने मुस्लिमों पर हमला करने के लिए इस संगठन का निर्माण किया है.