नई दिल्ली: अयोध्या में बढ़ता हुआ विवाद रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है! अभी कुछ ही दिनों पहले राम मंदिर के लिए पत्थरों की खेप आने के बाद अब बाबरी मस्जिद केस से जुड़े याचिकाकर्ता ने ये कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है कि मंदिर के लिए अगर पत्थर आएगा तो मस्जिद के लिए भी पत्थर मंगाकर तराशेंगे .

babari masjid clash

बाबरी मस्जिद के इस मॉडल को बारावफात के मौके पर अयोध्या की सड़कों पर प्रदर्शित किया गया है . मस्जिद के इस मॉडल के जरिए मंदिर-मस्जिद विवाद को हवा देने की कोशिश शुरू हो गई है. दूसरी ओर बाबरी मस्जिद के एक पक्षकार ने तो ये कहकर विवाद को और बढ़ा दिया है कि अगर राम मंदिर के लिए पत्थर आएगा तो बाबरी मस्जिद के लिए भी पत्थर आएगा और उसे तराशा जाएगा .

दरअसल 20 दिसंबर को राम मंदिर के लिए पत्थरों की नई खेप पुहंची थी, जिनकी राम मंदिर न्यास परिषद् के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास ने पूजा भी की थी . इसी के बाद से राम जन्मभूमि का मसला गरमाया हुआ है . बाबरी मस्जिद के लिए पत्थरों को मंगाने के इस बयान ने अयोध्या में धार्मिक सरगर्मी बढ़ा दी है!

हिम्मत है तो बनाओ मंदिर – हाशिम अंसारी

अभी कुछ दिन पहले बाबरी मस्जिद के याचिका कर्ता हाशिम अंसारी ने आरएसएस चीफ को चुनौती देते हुए बयान जारी किया “हिम्मत है तो बनाओ राम मंदिर”

sadhvi prachiधमकी दे कर UP में खून खराबा न करें- साध्वी प्राची

उधर इस मुद्दे पर हिंदू नेता साध्वी प्राची ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद के पैरोकार मस्जिद के लिए पत्थर मंगवाने की धमकी देकर यूपी में खून-खराबा न कराएं। पूरे हिन्दुस्तान में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं करने देंगे। न ही बाबर के नाम पर हिन्दुस्तान में पत्थर मिलेंगे।

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अखिलेश सरकार के मंत्री का बयान

इसी बीच अखिलेश सरकार के राज्यमंत्री ओमप्रकाश नेहरा ने पार्टी लाइन से हटकर मुस्लिमों से अयोध्या और मथुरा में मंदिर बनवाने की अपील की. जबकि भाजपा के वेंकैया नायडू ने यह कह कर इस मुद्दे को हवा दी कि हर भारतवासी राम मंदिर का निर्माण होते देखना चाहता है!

रामजन्म भूमि विवाद फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है . माना जा रहा है कि अयोध्या मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में अभी काफी समय लग सकता है! राम मंदिर के पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट से इस केस की जल्द से जल्द सुनवाई की अपील की है. नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार के आने के बाद राम मंदिर का मुद्दा अचानक गर्म हो गया है

हालाँकि कई लोगों का यह मानना है कि बाबरी मस्जिद का मुद्दा उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों की आहट है और ये सारा खेल बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है! किसी भी अनहोनी की आशंका से बचने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस पहले से ही अलर्ट पर है!