समाजवादी पार्टी कुनबे में घमासान, अखिलेश और शिवपाल में टिकटों के बंटवारे पर खींची तलवारें

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के कुनबे में एक बार फिर से घमासान शुरू हो गया है. अब जबकि उत्तर प्रदेश चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है ऐसे में टिकटों के बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव के बीच मतभेद खुलकर नजर आने लगे हैं। पार्टी में अखिलेश के विरोधी माने जाने वाले नेताओं (गायत्री प्रजापति, रामपाल यादव, अतीक अहमद) को जगह मिलना कहीं न कहीं इसी का सबूत है। जहां शिवपाल ने 175 कैंडिडेट्स के नाम का एलान किया है, तो अखिलेश यादव ने भी 403 कैंडिडेट्स की लिस्‍ट मुलायम सिंह को सौंपी है। कहा जा रहा है कि अखिलेश की लिस्‍ट में खराब इमेज वाले नेताओं का नाम नहीं है। चर्चा ये भी है कि इस लिस्‍ट में गायत्री प्रजापति का नाम नहीं है। सूत्रों की मानें तो टीम अखिलेश के करीब 200 से ज्‍यादा लोग (विधायक, सपोर्टर्स) इस बात के लिए तैयार हैं कि अगर उनका टिकट काटा जाता है, तो वे निर्दलीय कैंडिडेंट्स के तौर पर इलेक्शन में उतर सकते हैं।

akhilesh shivpal yadav ticket distribution सूत्रों के मुताबिक अखिलेश ने मुलायम को जो लिस्‍ट सौंपी है, उसमें माफिया अंसारी बंधु, बाहुबली अतीक अहमद और पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी का नाम नहीं है। इसके अलावा, अखिलेश ने अपने उन करीबियों को लिस्‍ट में शामिल किया है, जिनका टिकट शिवपाल यादव ने काट दिया था। इस लिस्ट में मौजूदा 35 से 40 मंत्री-विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं।

वहीँ अब तक यह फैसला नहीं हो पाया है कि समाजवादी पार्टी चुनाव में अखिलेश यादव को अपना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ेगी या नहीं. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस-आरएलडी-जेडीयू चाहते हैं कि गठबंधन होने पर अखिलेश यादव के नाम पर चुनाव लड़ा जाए। उन्‍हें लगता है कि अगर अखिलेश को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाता है, तो चुनाव में गठबंधन को फायदा हो सकता है। लेकिन मुलायम इस बात के लिए तैयार नहीं हैं। वे चाहते हैं कि चुनाव किसी व्‍यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि पार्टी के आधार पर लड़ा जाए और एक एकजुट गठबंधन के आधार पर चुनाव लड़ा जाए। ऐसा माना जा रहा है कि मुलायम की इस सोच के पीछे अमर सिंह और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव का हाथ है।

ध्यान रहे कि पिछले महीने भी अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव और अमर सिंह की बहुत लानत मलानत की थी. यहाँ तक कि उन्होंने अखिलेश यादव को दलाल तक कह डाला था.

शनिवार को अमर सिंह ने लखनऊ में मुलायम सिंह और शिवपाल यादव से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में अमर सिंह ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन की बात को आगे बढ़ाया लेकिन मुलायम सिंह ने बाद में गठबंधन की खबरों से इनकार कर दिया और कहा कि सपा अकेले चुनाव लड़ेगी। इस मुलाकात के अगले ही दिन गायत्री प्रजापति को सपा का नेशनल सेक्रेटरी बन दिया गया, जिन्‍हें अखिलेश का विरोधी माना जाता है। सोमवार को भी अखिलेश के विरोधी माने जाने वाले रामपाल यादव की पार्टी में वापसी हो गई। उन्‍हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते जनवरी में सपा से बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया था।

मुलायम सिंह यादव के अकेले चुनाव लड़ने के एलान के बाद जेडीयू नेता शरद यादव ने इस पर हैरानी जताई। उन्‍होंने कहा- “खुद मुलायम सिंह ने मुझे और देवेगौड़ा जी को गठबंधन पर बात करने के लिए 5 तारीख को बुलाया था। ऐसे में उनका ये बयान हैरान कर देने वाला है। देश संकट का सामना कर रहा है। मुलायम सिंह को गठबंधन के बारे में फिर से सोचना चाहिए।”

माना जा रहा है कि अधिकतर विपक्षी पार्टियां जैसे कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल, जनता दल आदि समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर चुनाव लड़ने की स्थिति में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित कर चुनाव मैदान में उतारना चाहती हैं.
देखना दिलचप रहेगा कि समाजवादी पार्टी के कुनबे की यह लड़ाई कहाँ तक जाती है.

अनुष्का शर्मा ने करन जौहर पर लगाया सेक्सुअल हरैसमेंट का आरोप, बॉलीवुड में आया तूफान

मुंबई: बॉलीवुड की दुनिया में अनुष्का शर्मा के करन जौहर पर लगाए सेक्सुअल हरैसमेंट के आरोपों से तूफ़ान आ गया है. और इस तूफ़ान के जल्द थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. दरअसल हुआ यूँ कि ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की शूटिंग के दौरान प्रोड्यूसर-डायरेक्टर करन जौहर के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट होने के कारण अनुष्का शर्मा ने करण जौहर के खिलाफ केस करने का फैसला कर लिया था। अनुष्का शर्मा का आरोप है कि करन ने उनके शरीर को बहुत ही गलत तरीके से छुआ था। अनुष्का ने यह खुलासा चैट शो ‘कॉफी विद करन‘ में किया।

anushka-sharma-karan-johar-sexual-harassmentकरन के शो में अनुष्का कैटरीना कैफ के साथ पहुंची थीं। कैट ने इस दौरान करन का पक्ष लिया और कहा, “हो सकता है, तुम्हें ऐसा लगा हो।” वहीं, करन ने सफाई देते हुए कहा कि वे सिर्फ उस वक्त सिर्फ मजाक कर रहे थे। दरअसल, शो के दौरान करन ने यह स्वीकार किया था कि ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की शूटिंग के वक्त से अनुष्का से उन्हें क्रश है। उनके ऐसा कहते ही अनुष्का अग्रेसिव हो गयी और अनुष्का ने कैटरीना से कहा, “माफ करना, मैं करन के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस करने जा रही थी। शूटिंग के दौरान कभी-कभी वे मुझे बहुत गलत तरीके से छूते थे।”

अनुष्का शर्मा यहीं पर नहीं रुकी बल्कि उन्होंने करन के सफाई देने पर एक और एक्ट्रेस के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। अनुष्का के मुताबिक, इसी साल फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की पार्टी के दौरान उन्होंने जैकलीन फर्नांडीज को भी गलत तरीके से छुआ था। मामला आगे बढ़ा तो कैटरीना को बीच-बचाव करना पड़ा। उन्होंने कहा, “हम इस मामले पर फिर कभी बात करेंगे। मैं आप दोनों से ही बहुत प्यार करती हूं और मैं नहीं चाहती कि आप दोनों के साथ कुछ भी बुरा हो।”

सोचने वाली बात अब ये है की क्या अनुष्का ने ये सब सच में कहा था या वो करण जोहर को परेशान करने के लिए मज़ाक कर रहीं थी। और अगर ये मज़ाक था तो बहुत ही बुरा मज़ाक था क्योंकि शारीरिक शोषण की पीड़ा बहुत गहरी होती है और एक लड़की होते हुए अनुष्का को इस तरह की बातों का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए।

नोटबंदी पर फिर नया नियम, एक बार में ही करें पुराने नोट जमा वरना होगी पूछताछ

नई दिल्ली. नोटबंदी के बाद से सरकार के नए नए नियम सामने आ रहे हैं. इनमें से कुछ का मकसद नोटबंदी के बाद पैदा हुई किल्लत से निबटना है तो कुछ का मकसद भविष्य में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना है. सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए छोटे कारोबारियों को टैक्स में छूट देने का एलान किया है। अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि छोटे कारोबारियों के लिए 2 करोड़ के टर्नओवर पर प्रॉफिट 8% यानी 16 लाख रुपए माना जाता है। अगर कोई कारोबारी डिजिटल ट्रांजैक्शन में बिजनेस करेगा तो उसके लिए यह लिमिट घटाकर 6% यानी 12 लाख रुपए मानी जाएगी। इस तरह डिजिटल ट्रांजैक्शन करने पर उसे कम टैक्स देना पड़ेगा। जेटली ने यह भी कहा कि अगर आपके पास पुराने नोट हैं तो उसे 30 दिसंबर तक एक बार में जमा करें। बार-बार जमा करेंगे तो शक पैदा होगा। इस बीच, आरबीआई ने साफ किया है कि अगर कोई 500 और 1000 के 2005 से पहले जारी हुए नोट जमा कराने आता है तो उसे मंजूर करें। डिजिटल ट्रांजैक्शन पर 2% का फायदा होगा…

deposit-old-notes-in-one-go-more-than-5000-jaitelyभारतीय वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि संशोधन के मुताबिक, “अगर छोटे कारोबारी और कंपनियां अपना कैश ट्रांजैक्शन डिजिटल मोड या चेक से करते हैं तो इन्हें इनकम पर टैक्स की छूट मिलेगी। उनकी इनकम 2% कम मानी जाएगी। इससे उन्हें टैक्स में फायदा होगा।”

सेंट्रल बोर्ड फॉर डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने आज कहा कि इनकम टैक्स एक्ट-1961 के सेक्शन 44AD के तहत 2 करोड़ के टर्नओवर में इनकम या प्रॉफिट को 8% माने जाने के आदेश में संशोधन किया गया है। डिजिटल मोड से ट्रांजैक्शन होने पर इसे 6% ही माना जाएगा। बता दें कि यह फायदा उन छोटे कारोबारियों को मिलेगा जो अपने हर दिन के बिजनेस का हिसाब नहीं रखते। लिहाजा, ये मान लिया जाता है कि अगर वे सालभर में 2 करोड़ का टर्नओवर करेंगे तो इससे उनकी कमाई 16 लाख रुपए होगी।

नोटबंदी के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा की 30  दिसंबर के बाद कोई करेंसी की कोई किल्लत नहीं रहेगी. जेटली ने कहा कि नोटबंदी से पहले 23 लाख करोड़ रुपए के नोट छापे गए थे। नोटबंदी के वक्त 23 लाख करोड़ रुपए की करंसी बाजार में थी। 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने से 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हुई। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं रहा जब आरबीआई ने पर्याप्त कैश बैंकों तक नहीं पहुंचाया हो। आरबीआई के पास पर्याप्त कैश मौजूद है जिसकी सप्लाई में 30 दिसंबर के बाद भी कमी नहीं आएगी। जेटली ने कहा, “जितने नोट प्रिंट किए गए, जरूरी नहीं कि सभी सर्कुलेशन में आ गए हों। कुछ आरबीआई के करंसी चेस्ट में भी हैं। इसलिए अनुमान ना लगाए जाएं।”

लगातार सामने आते जा रहे काले धन के मामलों में बैंक अधिकारियों की लिप्तता के बारे में बात करते हुए जेटली ने कहा कि पहले से सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने कहा, “बैंकों ने शनिवार-रविवार काम किया। भीड़ को हैंडल किया। कुछ मामले सामने आए, जिनकी जांच सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियां कर रही हैं।”

श्री जेटली ने बताया कि  “जिस एक्सिस बैंक पर सबसे ज्यादा सवाल उठे हैं, उसने भी ऐसे इम्प्लॉइज पर कार्रवाई की है, जिनकी गड़बड़ियों का पता जांच एजेंसियां भी नहीं लगा पाई थीं। बैंकों का टॉप मैनेजमेंट अपने इम्प्लॉइज पर नजर रख रहा है।”

फाइनेंस मिनिस्‍ट्री के एलान के बाद रिजर्व बैंक की ओर से सोमवार को नोटिफिकेशन जारी किया गया। सोमवार से ही यह फैसला लागू हो गया है।

अलग-अलग किस्तों में जमा कराई गई रकम का कुल अमाउंट जैसे ही 5 हजार से ज्यादा होगा, उस खाते में 30 दिसंबर तक आगे कोई रकम जमा नहीं कराई जा सकेगी।

इस कंडीशन में भी 5000 की लिमिट क्रॉस होने पर दो बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में जमा करने वाले से पूछताछ होगी।

इस पूछताछ की रिकॉर्डिंग रखी जाएगी, जिसे ऑडिट ट्रायल के दौरान पेश किया जा सकेगा।

5000 रुपए या इससे कम रकम जमा कराने पर कोई पूछताछ नहीं हाेगी।

आरबीआई ने यह लिमिट तय नहीं की है। बस इतना है कि यह एक बार में ही जमा होगी।

अगर आप 5000 रुपए से ज्यादा की रकम दो अलग-अलग अकाउंट में जमा करते हैं तो आपसे पूछताछ नहीं होगी।

नोटिफिकेशन के मुताबिक, दूसरे के खाते में पुराने नोट जमा कराने के लिए अकाउंट होल्डर को लिखित में देना होगा।

जो लोग थोड़ा-थोड़ा जमा करके ब्लैकमनी को व्हाइट करने में लगे थे, वे अब ऐसा नहीं कर पाएंगे।

आप प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाय) 2016 के तहत कितनी भी रकम डिक्लेयर कर सकते हैं।

नोटबंदी को लेकर हमलावर हुई भाजपा, राहुल गांधी के भूकंप लाने वाले बयान पर जावड़ेकर ने कसा तंज

नई दिल्ली: ऐसा लग रहा है कि भाजपा राहुल गाँधी को नोटबंदी मामले में हमलावर होने का मौका नहीं देना चाहती. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार की जानकारी होने का दावा करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर बीजेपी ने जोरदार पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को राहुल को बोलने की चुनौती देते हुए कहा कि वह जितना बोलेंगे कांग्रेस उतनी ही बेनकाब होगी। राहुल के भूकंप वाले बयान पर तंज कसते हुए जावड़ेकर ने कहा कि राहुल के बोलने से संसद में भूकंप नहीं आएगा, बल्कि उनके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।

javdekar lashes out at rahul gandhi on demonetisation and black moneyविपक्ष को आड़ेहाथों लेते हुए जावड़ेकर ने विपक्ष पर कालेधन को सफेद करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘हम देश बदलने में जुटे हैं, ये नोट बदलने में लगे हैं। ये लोग यही धंधा कर रहे हैं।’ जावड़ेकर ने कहा कि विपक्ष नोटबंदी का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि उसके स्वार्थ पर आंच आई है।

पिछले कुछ दिनों से नोटबंदी को लेकर असज दिख रही भाजपा के तेवरों में अचानक से फिर से तल्खी आ गयी है और भाजपा नेता नोटबंदी को लेकर किसी भी सवाल पर आक्रामक रुख अपना रहे हैं. प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि ‘हम तो चाहते हैं कि राहुल गांधी बोलें, जितना वह बोलेंगे कांग्रेस उतनी ही बेनकाब होती जाएगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बोलने से भूकंप नहीं आएगा बल्कि उनके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।’

अपनी स्ट्रेटेजी के तहत भाजपा की प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर किसी भी तरह के हमले को रोकने के लिए दुगने जोर से आरोप की रणनीति के तहत जावड़ेकर ने प्रधानमंत्री के सदन में मौजूद रहने की मांग की मांग पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘ये लोग बोल रहे हैं कि पीएम को राज्यसभा में आना चाहिए, यहां लगातार रहना चाहिए। कल ये कहेंगे कि पीएम को एक साथ एक ही वक्त पर लोकसभा और राज्यसभा में होना चाहिए। क्या उन्हें होलोग्राम से दोनों जगह दिखाएं?’ राहुल गांधी के इस बयान को जावड़ेकर ने झूठा बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष बिना शर्त चर्चा को तैयार है। उन्होंने कहा, ‘इससे बड़ा झूठ कुछ और नहीं हो सकता। आप रोज सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हो। कांग्रेस, सपा, बसपा…ये सभी पार्टियां सदन नहीं चलने दे रहीं। कुछ लोग बोलना चाहते हैं पर आप उन्हें बोलने नहीं देते।’

नोटबंदी को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जावड़ेकर ने सरकार की स्कीम को लेकर कहा कि यह कालेधन को सफेद करने का अभियान नहीं है, यह टैक्स चोरी के खिलाफ कार्रवाई है और इसमें किसी को कानून से माफी नहीं दी जा रही है। विपक्षी दलों को संसद न चलने देने का अपराधी बताते हुए जावड़ेकर ने कहा कि कभी ये लोग संसद में 444 थे, यही रवैया रहा तो 4 पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के लोग प्रधानमंत्री को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि उनकी छवि पर एक भी दाग नहीं है।

आरबीआई ने बैंकों को दिए सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के आदेश – पकडे जाएंगे नए नोटों के जमाखोर

नई दिल्ली: 8 नवम्बर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 500  और 1000 रुपये के नोटों को अवैध मुद्रा घोषित करते हुए जनता को 30  दिसंबर तक पुराने नोट बैंकों में जमा करने का अवसर दिया था. आशा जताई जा रही थी कि मोदी के विमुद्रीकरण के इस ऐतिहासिक कदम से बड़ी मात्रा में काला धन बाहर आएगा लेकिन जैसे जैसे 30  दिसंबर की यह समय सीमा पास आ रही है, ऐसा महसूस हो रहा है कि अर्थव्यवस्था में मौजूद लगभग सार पुरानी 500  और 1000 रुपये की करेंसी वापस बाणों में जमा हो जायेगी. नोटबंदी पर कालाधन को रोक पाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर असफल होने के आरोप लगने लगे हैं. इस हालात में नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी पर एक नया दांव चला है और लगता है इस खेल की आखिरी बाज़ी अब मोदी सरकार के ही हाथ लगेगी. दरअसल सरकार ने आरबीआई के माध्यम से एक नया मास्टर स्ट्रोक खेला है.

RBI orders banks to arrange cctv footage demonetisation currency exchangeनोटबंदी के लागू करने के साथ ही जहां सरकार को उम्मीद थी कि करीब 70 फीसदी पैसा वापस बैंकों में जमा हो जाएगा और बाकी का कालाधन होने की वजह से सामने नहीं आएगा वहीं, आरबीआई ने जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं, उनके अनुसार अभी तक अर्थव्यवस्था में मौजूद कुछ नकद का 80 फीसदी बैंकों में जमा हो चुका है.

बैंकों में इतनी बड़ी तादाद में पुराने 1000 और  500  के नोट जमा होने के बाद सरकार के माथे पर शिकन आने लगी और सरकार को भी यही लगने लगा कि इस मुद्दे पर सरकार का दांव कहीं उल्टा तो नहीं पड़ा गया. लोगों को हो रही परेशानियों को खत्म करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी तमाम मंचों से यह घोषणा करते रहे कि केवल 50 दिन में सरकार स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी और लोगों को बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. वास्तविक्ता में ऐसा हुआ नहीं. लोग आज भी लाइनों में लगे हैं और यह लाइनें बैंकों और एटीएम के बाहर भोर से ही लगने लगती हैं.

लोगों में बढ़ती नाराजगी और अपनी विफलता पर सरकार ने फिर एक तीर चला है और अब सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि सभी बैंक 8 नवंबर से 30 दिंसबर यानि नोट बदलने की मियाद के भीतर के दौरान बैंकों के सभी सीसीटीवी फुटेज को संभाल कर रखेंगे.

अरुण जेटली का कांग्रेस पर नोटबंदी और काले धन पर करारा प्रहार

नई दिल्ली: भाजपा सरकार में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का दृढ़ता से जवाब दिया और काले धन और नकली नोटों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए पलटवार किया. मंगलवार को नोटबंदी के मसले पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पी चिदंबरम ने जब सरकार पर हमला बोला। अरुण जेटली ने सरकार के नोटबंदी के फैसले से होने वाले फायदे गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपनी सरकार में कभी काले धन को खत्म करने की कोशिश नहीं की। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि यूपीए का दोनों कार्यकाल भ्रष्टाचार से भरा रहा, इसीलिए कांग्रेस को नोटबंदी से परेशानी हो रही है।

arun-jaitely-attacks-congress-on-note-ban-demonetisationभारतीय  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी से होने वाले फायदे गिनाते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार लोगों की समस्याओं को खत्म करने के लिए कोशिश कर रही है। जेटली ने कहा, ‘हर दिन रिजर्व बैंक बैंकिंग सिस्टम में उचित मात्रा में कैश डाल रहा है। धीरे-धीरे प्रेशर कम हो रहा है। जैसे-जैसे करंसी सर्कुलेशन में आती जाएगी लोगों की समस्या खत्म हो जाएगी।’

अरुण जेटली ने कहा, ‘हमें इसके फायदे देखने की जरूरत है। फायदा यह है कि सिस्टम में जो पैसा लूज कैश के रूप में था, जिसपर टैक्स नहीं दिया जा रहा था वह बैंकिंग सिस्टम में आ गया। अब इसपर सरकार को टैक्स मिलेगा। भविष्य में कैशलेस ट्रांजैक्शन सफल होगा। इससे ट्रांजैक्शन टैक्स के दायरे में होगा। इससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी।’

जेटली ने दावा कि ऐसा होने से करप्शन, ब्लैक मनी और आतंकवाद के लिए इस्तेमाल होने वाले पैसे पर खुद-ब-खुद लगाम लग जाएगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी में भी ऐसे प्रावधान किए गए हैं कि कर व्यवस्था में चोरी को रोका जा सके। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार संसद में बहस के लिए तैयार। इसके पॉजिटिव पहलू देखने की जरूरत है। हम राष्ट्रीय हित में विपक्ष से मांग करते हैं कि हमारा साथ दे।

उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले अखिलेश यादव का राज्य कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग लागू करने का तोहफा

लखनऊ: जैसी उम्मीद की जा रही थी वैसा ही करते हुए उत्तरप्रदेश चुनाव से ठीक पहले अखिलेश सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को लुभाने के लिए बड़ा दांव खेला है। अखिलेश कैबिनेट ने अपने कर्मचारियों को बंपर तोहफा देते हुए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से 16 लाख कर्मचारियों और 6 लाख पेंशनर्स यानी कुल 22 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। ऐसा माना जा रहा है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी जनवरी, 2017 से मिलनी शुरू हो जाएगी।

Akhilesh uttar pradesh election 7th pay commissionराज्य कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के अलावा कैबिनेट की बैठक 88 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इससे सरकार पर 16000 करोड़ का भार आएगा। बढ़ी हुई सैलरी जनवरी से मिलने लगेगी। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद अधिकतम सैलरी 2.5 लाख रुपये तो न्यूनतम सैलरी 18000 रुपये होगी।

संवादाताओं को उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, ‘आज हमने वेतन समिति से जुड़ा फैसला लिया है, लाखों लाख कर्मचारियों को इससे फायदा पहुंचेगा। इससे सरकार पर कई हजार करोड़ का भार आएगा। अभी 2 महीने जब तक हमारी सरकार है हम लोगों को इसका फायदा देंगे। अगर चुनाव में वे हमें वोट देंगे तो आगे भी ऐसे फायदे हम कर्मचारियों को पहुंचाते रहेंगे।’

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस प्रेस कांफ्रेंस में नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी फैसले के बारे में सवालों का जवाब भी दिया. अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबंदी से पैदा हुए हालात सुधरने में एक साल लग जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जो लोग 50 दिन गिनते थे, सुनने में आया है कि वे और 50 दिन गिन रहे हैं। यह समस्या 50 दिन में भी नहीं सुधरेगी, एक साल लगेगा।’

उत्तर प्रदेश चुनाव में सरकार किसकी बनेगी, इस सवाल के जवाब में यूपी में एक बार फिर बहुमत की सरकार बनाने का दावा करते हुए अखिलेश यादव  ने कहा, ‘वैसे हम बहुमत की सरकार बना रहे हैं, लेकिन कोई गठबंधन हो जाएगा तो 300 से ज्यादा सीटें आ जाएंगी।’

उन्होंने कहा कि जनता पहचान चुकी है कि केंद्र की भाजपा सरकार लेवल उद्योगपतियों और पूंजीपतियों की सरकार है और जनता के हितों की रक्षा केवल समाजवादी पार्टी ही कर सकती है. नोटबंदी के नाम पर जनता को जिस तरह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उसका सबक जनता आने वाले चुनाव में भाजपा को धूल चटा कर देगी.

नोटबंदी के पक्ष में बोले जेटली – देश की आबादी है ज्यादा तो लाइनें भी होंगी लंबी

नयी दिल्ली : देश भर में बैंकों और एटीएम के सामने लगी लंबी कतारों के बारे में कमेंट करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत एक विशाल देश है जिसकी जनसँख्या भी बहुत ज्यादा है. अरुण जेटली ने नोटबंदी पर कहा है कि आबादी बड़ी है तो लाइनें तो लगेंगी ही.

वित्त मंत्री ने कहा कि तमाम परेशानियों के बावजूद देशवासियों ने सरकार को सहयोग दिया है.

country-population-leading-to-long-lines-in-front-of-bank-jaitely-on-demonitization-queuesजेटली ने एचटी लीडरशिप समिट के दौरान बातचीत में विमुद्रीकरण या नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार का पक्ष रखा. अरुण जेटली ने कहा कि सुरक्षा में नोटों की छपाई करने में समय लगता है और आरबीआई नोट जारी करने का काम लगातार कर रहा है.

जेटली ने कहा, “अगर आप इस देश के स्वभाव को देखें तो एक हिस्सा है जो आसानी से बदलाव को स्वीकार नहीं करता है. मुझे याद है कि हम एक वक्त इस बहस में काफी समय गंवाते थे कि भारत को रंगीन टीवी चाहिए या नहीं. 1996 में पार्टी की बैठक के लिए हमारी पार्टी ने सात मोबाईल फोन खरीदे तो मीडिया ने हमारे प्रस्तावों को रिपोर्ट नहीं किया. हां हमारा मज़ाक अवश्य उड़ाया गया. पंद्रह वर्ष पहले कोई भरोसा नहीं करता कि एक गरीब या दलित के हाथों में मोबाइल हो सकता है लेकिन आज यह एक सच्चाई है.”

इस अवसर पर बोलते हुए जेटली ने नोटबंदी के बारे में खुल कर अपनी राय रखी.

श्री जेटली ने कहा कि पिछले सात दशक में काफी काला धन इकट्ठा हुआ है. 30 दिसंबर के बाद नोटबंदी से जुड़ी परिस्थितियों का आंकलन किया जाएगा. नोटबंदी बड़ी प्रक्रिया है. इसमें गोपनीयता बनाए रखने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना था कि ज़रूरी जानकारी समय पर सभी को मिलती रहे.

हम देश को डिजिटल करेंसी की दिशा में ले जा रहे हैं. इससे औपचारिक कारोबार, व्यापार का दायरा बढ़ेगा, लेकिन काग़ज़ी मुद्रा कम हो जाएगी. देश में राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता आएगी. तकनीक को रोका नहीं जा सकता, अर्थव्यवस्था का डिजिटाइज़ेशन होकर रहेगा.

प्रधान मंत्री मोदी की रैली से पहले लाखों की नयी करेंसी पकड़ी – कहीं इसके पीछे षड्यंत्र तो नहीं?

दक्षिण भारत में एक भाजपा युवा नेता के नई करेंसी के 20 लाख रुपये के साथ पकडे जाने के बाद एक और मामला सामने आया है जिसमें पुलिस ने यूपी के एक भाजपा नेता की गाडी से 2000 रुपये के नोटों में 95 लाख रुपये जब्त किये हैं. नोटबंदी के बाद से देशभर के कालेधन के कुबेरों में हड़कंप मचा है। कालेधन के सौदागर अपनी काली कमाई को ठिकाने लगाने की जुगत में जुटे हुए हैं।

pradhan mantree narendra modi rally 95 lakh new currency notes in UPताजा मामला उत्तर प्रदेश का है. यूपी पुलिस ने 2000 रुपए के नए नोटों से भरी एक गाड़ी पकड़ी है। उस गाड़ी में 2000 की नई करेंसी के 95 लाख रुपए मिले। गाड़ी को जब्त कर लिया है। पुलिस ने सिविल लाइंस में चेकिंग के दौरान गाड़ी को पकड़ा। पुलिस ने बताया कि गाड़ी में पांच लोग बैठकर जा रहे थे। पुलिस को कुल 95,18,000 रुपए की नकदी मिली। पुलिस ने बताया कि उन्होंने पैसे के बारे में जब गाड़ी में बैठे लोगों से पूछा तो वे संतुष्ट करने वाला जवाब नहीं दे पाए।

इस मामले में सबसे बड़ी बात जो सनसनी फैला रही है वो ये है कि इस गाड़ी पर भाजपा का झंडा लगा हुआ था। आशंका है कि ये पैसे आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव के मद्देनजर इधर से उधर किये जा रहे थे। गौरतलब हो कि कल प्रधानमंत्री मोदी की मुरादाबाद में चुनावी रैली है।

आगे की कार्रवाई के लिए मामले की रिपोर्ट को इनकम टैक्स विभाग को सौंप दिया गया है। 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के एलान के बाद कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

भाजपा से जुड़े लोगों से नयी करेंसी में लाखों रुपये के नोट बरामद होने की बढ़ती घटनाओं के पीछे कुछ लोगों का मानना है कि इसका मकसद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के काले धन के खिलाफ अभियान को रोकना है और ऐसा षड्यंत्र के तहत किया जा रहा है.

घर में कितना सोना रखने पर नहीं होगा जब्त? सरकार ने बनाये नए नियम

दिल्लीः 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के बाद अब सरकार ने घर में रखे सोने के लिए नए नियम लाने की तैयारी कर ली है. वित्त मंत्रालय के द्वारा जारी सफाई ने जनता के मध्य चल रही अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश की है. अपनी आय के हिसाब से सोना रखने पर आपके लिए कोई खतरा नहीं है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आपकी घोषित आय और घरेलू बचत से खरीदे गोल्ड या ज्वैलरी टैक्स के दायरे में नहीं आएंगे.

ghar mein kitna sona rakh sakte hainक्या हैं घर में सोना रखने के नए नियम:

  • नए नियमों के तहत शादीशुदा महिलाओं के पास 500 ग्राम तक के सोने पर कोई हिसाब नहीं मांगा जाएगा और उनके पास इतना सोना होने पर कोई पूछताछ नहीं होगी.
  • विवाहित महिला का 500 ग्राम तक का सोना जब्त नहीं होगा.
  • वहीं अविवाहित लड़कियां 250 ग्राम सोना रखने पर आयकर जांच से बाहर रहेंगी. वहीं एक घर में 100 ग्राम तक के पुरुषों के गहने मिलने पर कोई हिसाब नहीं मांगा जाएगा.
  • घर में रखे सोने पुश्तैनी गहनों और सोने पर भी टैक्स नहीं लगेगा. आपके पास इसका हिसाब होगा तो आयकर विभाग की छापेमारी में छूट मिल जाएगी.
  • ब्रांडेड और अनब्रांडेड सिक्कों पर भी 12.5 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाने का ऐलान हुआ है और कानूनी तरीके से पुरखों से मिला सोना साबित करने पर भी टैक्स नहीं लगेगा.

ये नियम उन लोगों के लिए हैं जिनके यहां आयकर का छापा पड़ सकता है. आयकर का छापा पड़ने पर सोने की तय लिमिट से ज्यादा सोना पाए जाने पर ही आपसे पूछताछ होगी. अगर सोने की मात्रा ज्यादा पाई जाती है लेकिन आपके पास उसका हिसाब है तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है. इसके साथ-साथ लोगों की आय के हिसाब से सोना रखने पर कोई पाबंदी नहीं होगी. आयकर के छापों में इससे ज्यादा अगर किसी के पास सोना मिलता है तो वो जब्त कर लिया जाएगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि जिन लोगों ने अपनी घोषित आय या बचत से सोने के गहने खरीदे हैं उन्हें भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

नोटबंदी के बाद काले धन को सफेद करने के लिए लोग सोना खरीद रहे थे. ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए ही मोदी सरकार ने ये नया फैसला लिया है. इसके साथ ही हिंदू धर्म अधिनियम के मुताबिक इतना सोना घर में रखने की इजाजत पहले से ही है . लिहाजा सरकार ने देश में चल रही अफवाहों पर विराम लगाने के लिए देश के सामने अपना पक्ष रखा है.

क्या है वित्त मंत्रालय की सोने को घर में रखने की सीमा को लेकर सफाई देने की वजह?

जब सरकार ने इनकम टैक्स कानूनों में संशोधन किए तो उसके बाद लोगों के बीच सोने को लेकर अटकलें चल रही थीं और अफवाह थी कि सरकार सोने पर भी नया टैक्स लगाएगी और घर में रखे सोने पर भी नजर रखी जा रही है. लेकिन अब वित्त मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स में नए संशोधनों के बाद सोने पर चल रही अटकलों पर वित्त मंत्रालय ने स्थिति साफ कर दी है.