संयुक्त राष्ट्र.जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा. यह समय है कि पाकिस्तान भी इसको स्वीकार कर ले. एक लोकतंत्र के तौर पर भारत ने हमेशा लोगों की पसंद को माना है और आतंकवादियों या चरमपंथियों को इसे नष्ट नहीं करने दिया जायेगा.एक बहस के दौरान पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाया गया था जिसके जवाब में प्रसाद ने कहा कि इस्लामाबाद ने आतंकवाद का इस्तेमाल सरकारी नीति के तौर पर किया और भारतीय भूभाग की लालसा में संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल कर रहा है.

भारत ने पाकिस्तान को बताया कि जम्मू कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा बना रहेगा और भारतीय क्षेत्र में लोभ में इस्लामाबाद द्वारा आतंकवाद को ‘सरकारी नीति के औजार’ के तौर पर इस्तेमाल किये जाने की आलोचना की.वरिष्ठ भारतीय कूटनीतिक श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि यह ‘सर्व विदित’ है कि इस्लामाबाद आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराता है.उन्होंने कहा, क्या मैं अपने पड़ोसी को यह याद दिला सकता हूं कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा. यह समय है कि पाकिस्तान भी इसको स्वीकार कर ले. एक लोकतंत्र के तौर पर भारत ने हमेशा लोगों की पसंद को माना है और आतंकवादियों या चरमपंथियों को इसे नष्ट नहीं करने दिया जायेगा. भारत अहिंसा के जरिये शांति को बढ़ावा देने की जरूरत के सिद्धांत पर जोर देता है.न्‍यूयार्क स्‍थित भारत के स्‍थायी मिशन में राजनयिक एस श्रीनवास ने अपने संबोधन में कहा, ‘क्‍या मुझे अपने पड़ोसी को याद दिलाना होगा कि जम्‍मू कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग रहेगा और पाकिस्‍तान को भी यह बात समझ लेना चाहिए.‘

उन्होंने कहा, कल्‍चर ऑफ पीस केवल व्यापक स्तर पर शांति का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि अंतर-राजकीय संबंधों के मामले में यह अच्छे पड़ोसी धर्म, परस्पर सम्मान और गैर-हस्तक्षेप के मूल्यों का प्रतीक है. यह विडंबना है कि हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान जो आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह और आतंकवाद को हथियार के तौर पर इस्‍तेमाल कर रहा है. उन्होंने महात्मा गांधी के मूल्‍यों को याद करते हुए कहा कि हमें अहिंसा के जरिए शांति का असली संदेश देना है. दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक भारत महान आध्यात्मिक गुरुओं और विचारकों का गढ़ रहा है, जिन्होंने सदियों से दुनियाभर में शांति की संस्कृति के संदेश का प्रसार किया है.