नरेंद्र मोदी को साध्वी ने दी नसीहत- गौ आतँकियों पर भाषण देने के बजाये खुद शुरुआत क्‍यों नहीं करते?

pm modi

रविवार (16 जुलाई) को पीएम मोदी ने अपने ट्विटर पर गौरक्षा और बीफ के नाम पर की गई हिंसा पर की ट्वीट किए।पीएम ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों से सख्ती से निपटना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों के गौरक्षा के नाम पर हिंसा कर रहे लोगों के विरूद्ध एक जुट होने का आह्वान भी किया.

pm modi

पीएम के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए साध्वी खोसला ने उनसे अपील की कि वो पहले “‘ट्विटर रक्षकों” को अनफॉलो करें। साध्वी का कहना था कि दूसरों को नसीहत देने के बजाये प्रधानमंत्री खुद से शुरुआत क्यों नहीं करते

लेकिन पीएम मोदी और बीजेपी को चाहने वालों को साध्वी की सलाह नहीं पसंद आई और कुछ लोगों ने उन्हें ट्रॉल कर दिया। हालांकि कई लोगों ने उनके साहस की तारीफ भी की।

पिछले कुछ सालों में गाय और बीफ के नाम पर बढ़ी हिंसा और हत्याओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस मसले पर चुप्पी साधने का आरोप विपक्ष लगाता रहा है।

रविवार को किए ट्वीट में भी पीएम मोदी ने परोक्ष तौर पर गाय और बीफ के नाम पर हो रही हत्याओं की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर डाल दी।

आठ साल में गाय के नाम पर ह‍िंसा में मरने वाले 86 प्रतिशत मुसलमान

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “कानून व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और जहां भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, राज्य सरकारों को इनसे सख्ती से निपटना चाहिए।”

लेकिन इंडिया स्पेंड के डेटा के अनुसार केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से देश में गाय से जुड़ी हिंसा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

यह भी पढ़िए  मनमोहन सिंह ने की हैं मोदी से ज्यादा विदेश यात्राएं -अमित शाह

ऐसे 97 प्रतिशत मामले नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद हुए हैं। साल 2010 से 2017 के बीच हुई गाय से जुड़ी 63 घटनाओं में 57 प्रतिशत पीड़ित मुस्लिम थे। इन घटनाओं में कुल मारे गए 28 भारतीय मे से से 24 मुसलमान थे।

It's only fair to share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn