वाशिंगटन:उत्तर कोरिया लगातार कुछ ऐसा कर रहा जिसे सामरिक मामलों के जानकार युद्ध का ही हिस्सा मान रहे हैं. उत्तर कोरिया ने 3 सितंबर को हाइड्रोजन बम का परिक्षण किया और 29 अगस्त को अंतराष्ट्रीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया था.खबर हैकि उत्तर कोरिया के मिसाइल अनुभव और हाइड्रोजन बम के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सहायता परिषद (यूएनएससी) की एक आपात बैठक भी हुई थी. हाइड्रोजन बम जिसका उत्‍तर कोरिया ने परीक्षण किया है, वह परमाणु बम से नौ गुना ताकतवर है. इसके अलावा जल्द ही ऐसी बैलिस्टिक मिसाइल का भी उत्तर कोरिया परिक्षण करने वाला है जिस का इस्तेमाल हाइड्रोजन बम  प्रक्षेपण के लिए किया जाएगा. उत्तर कोरिया को लेकर दुनिया के कई देशों ने सुरक्षा परिषद् में कड़ी  प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, फ्रांस और दक्षिण कोरिया ने प्योंगयांग द्वारा हाइड्रोजन बम के दावे के एक दिन बाद अनुरोध किया था. बाद में एक दूसरे को संबोधित करते हुए, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और अन्य देशों के राजदूत ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम की पुष्टि करने और इसके खिलाफ मजबूत कार्रवाई करने के लिए सुरक्षा परिषद में बैठक भी बुलाई थी.इटली के राजदूत सेबास्टियन कार्डी ने प्योंगयांग ने स्पष्ट रूप से वैश्विक शांति और सुरक्षा की धमकी दी है,उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया ही एकमात्र देश है जो 21 वीं सदी में परमाणु हथियारों की तैयारी कर रहा है.हमें  समय बर्बाद किए बिना उत्तर कोरिया के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए, ताकि हम अपने कार्यों पर रोक लगा सकें.

फ्रांस के राजदूत फ्रांको दत्तारी ने कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से उत्तर कोरिया के खिलाफ नए प्रतिबंध लागू करने की मांग की है, जबकि वह यूरोपीय संघ (ईयू) में प्योंगयांग के खिलाफ प्रतिबंध की आवाज भी उठाएंगे. हालांकि, रूस के राजदूत ने उत्तर कोरिया के परमाणु अनुभव पर प्रतिक्रिया नहीं दी.रूसी राजदूत वेस्ले बेंजिया ने कहा कि उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों को लागू करने या लागू करने से समस्या को हल करना असंभव है.यह स्पष्ट है कि उत्तर कोरिया, मॉस्को और बीजिंग पर प्रतिबंध लगाने के लिए चीन और रूस के लगभग समान निहितार्थ हैं, इस मामले को दो तरफा समाधान के रूप में देख रहे हैं.रूस और चीन का मानना है कि अगर कोरिया को अपना परमाणु कार्यक्रम समाप्त करना है तो अमेरिका और दक्षिण कोरिया को इस क्षेत्र में सैन्य अभ्यास समाप्त करना होगा.दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेना ने उत्तर कोरिया में उनके खिलाफ युद्ध के रूप में सैन्य अभ्यास का प्रयोग किया है.